अब 27 फरवरी को फिर से टेंडर की तिथि की तय, लोगों में रोष
संवाद न्यूज एजेंसी
बद्दी (सोलन)। प्रदेश के सबसे बड़े औद्योगिक क्षेत्र को जोड़ने वाले पिंजौर-नालागढ़ फोरलेन निर्माण के टेंडर 12वीं बार भी रद्द हो गए हैं। पिछले करीब एक साल से फोरलेन का कार्य बंद पड़ा है। नई कंपनी को काम सौंपने के लिए सितंबर माह में टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई थी, लेकिन छह माह बीत जाने के बाद भी टेंडर नहीं खुल पाए हैं। इस बीच टेंडर खोलने की 12 बार तिथियां निर्धारित की गई। हर बार तिथि को आगे बढ़ा दिया गया। इससे क्षेत्रवासियों में रोष व्याप्त है। जानकारी के अनुसार 20 फरवरी को टेंडर खुलने थे, लेकिन शुक्रवार को यह तिथि भी आगे बढ़ा दी गई। इससे पहले 31 अक्तूबर को टेंडर खोले जाने थे। उस समय परियोजना की लागत 557 करोड़ रुपये आंकी गई थी, लेकिन उस दिन भी टेंडर नहीं खुले। इसके बाद 14 नवंबर, 17 नवंबर, 24 नवंबर, 27 नवंबर और 12 दिसंबर की तिथियां तय की गईं, परंतु हर बार तिथि आगे बढ़ा दी गई। इसके बाद 19 दिसंबर, 28 दिसंबर, 12 जनवरी, 29 जनवरी और 12 फरवरी को भी टेंडर नहीं खुल पाए। अब 20 फरवरी की निर्धारित तिथि भी टल गई है। लगातार 12वीं बार टेंडर प्रक्रिया रद्द होने से लोगों में भारी नाराजगी है।
चार वर्ष पहले गुजरात की कंपनी को दिया था ठेका
चार वर्ष पूर्व राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने इस फोरलेन परियोजना का ठेका गुजरात की पटेल कंपनी को 469 करोड़ रुपये में दिया था। कंपनी को कार्य पूरा करने के लिए 30 माह का समय निर्धारित किया गया था। समय सीमा पूरी होने के बाद एक वर्ष का अतिरिक्त समय भी दिया गया, लेकिन इसके बावजूद कंपनी मात्र 42 प्रतिशत कार्य ही पूरा कर सकी। बरसात के दौरान मार्ग की स्थिति अत्यंत खराब हो गई थी। पंचकूला जाने वाले ट्रक चालकों को वाया नालागढ़ होकर जाना पड़ा। पटेल कंपनी ने 6 जून को कार्य बंद कर दिया था। उसके बाद से मार्ग की स्थिति जस की तस बनी हुई है।
कोट
विभाग ने सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं। फोरलेन की लागत बढ़कर 670 करोड़ रुपये तक पहुंच गई थी, जिसे घटाकर 600 करोड़ रुपये किया गया है। अब 27 फरवरी को टेंडर खोले जाने की तिथि निर्धारित की गई है।
असलम खान,प्रोजेक्ट प्रभारी,एनएचएआई