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शिक्षक मशीन नहीं, जनगणना का बोझ न डालें : जयलाल

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प्रवक्ता संघ शिक्षकों की ड्यूटी पर भड़का
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स्कूल समय के बाद और छुट्टियों में काम करवाने की मंशा का कड़ा विरोध
निर्णय वापस न लेने पर संघ ने आंदोलन की दी चेतावनी
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। प्रवक्ता संघ सोलन ने स्कूल समय के बाद और छुट्टियों के दौरान शिक्षकों की जनगणना में सेवाएं लेने की सरकार की मंशा पर एतराज जताया है। संघ ने कहा कि शिक्षक मशीन नहीं हैं, जिन पर इस तरह अतिरिक्त काम का बोझ डाला जाए।
संघ के प्रधान जयलाल जलपाईक और महासचिव हेमंत शर्मा ने कहा कि प्रदेश में हाल ही में हुए नगर निकाय और पंचायत चुनावों में शिक्षकों की व्यापक भागीदारी रही है। इसके कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई पहले ही काफी प्रभावित हो चुकी है और अब जनगणना जैसे बड़े काम में भी शिक्षकों को झोंकने से पूरी शिक्षा व्यवस्था पर बेहद प्रतिकूल असर पड़ेगा। संघ के पदाधिकारियों ने तर्क दिया कि पंचायत चुनाव हुए अभी महीना भी नहीं बीता है। ऐसे में दोबारा जनगणना के लिए शिक्षकों की सेवाएं लेना तर्कसंगत नहीं है।
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उन्होंने कहा जनगणना बेहद महत्वपूर्ण और जटिल कार्य है। इसका पूरा बोझ सिर्फ शिक्षकों पर डालना विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। प्रदेश के स्कूलों में शिक्षकों की कमी है। ऐसे में अगर स्टाफ को भी लगातार गैर-शैक्षणिक कार्यों में लगाया गया, तो शिक्षा की गुणवत्ता गिर जाएगी। संघ ने सरकार से मांग की कि जनगणना कार्य को सुचारू रूप से चलाने के लिए दूसरे विभागों के कर्मचारियों या किसी वैकल्पिक व्यवस्था का सहारा लिया जाए। उन्होंने याद दिलाया कि शिक्षकों का मुख्य दायित्व राष्ट्र निर्माण और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना है। सोलन प्रवक्ता संघ ने सरकार को सचेत करते हुए कहा है कि यदि शिक्षकों को स्कूल समय के बाद और छुट्टियों में जनगणना कार्य में लगाने का फैसला वापस नहीं लिया गया, तो संघ चुप नहीं बैठेगा और इस मुद्दे को राज्य स्तर पर एक बड़े आंदोलन के रूप में उठाने पर मजबूर होगा।
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