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रबौण में फोरलेन के लिए बार-बार निशानदेही पर मचा बवाल

Wed, 12 Aug 2015 11:43 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, सोलन।
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रबौण में फोरलेन निशानदेही के दौरान राजस्व विभाग और एनएचएआई की संयुक्त कामकाज प्रक्रिया पर लोगों ने सवाल उठाए हैं। आरोप है कि ऊंची पहुंच वाले राजनीतिक लोगों के इशारों पर संबंधित विभागों के अधिकारी बार-बार डिमार्केशन के निशानों को बदल रहे हैं। इसके पीछे कुछ लोगों को फायदा पहुंचाने की मंशा जताई जा रही है। इस प्रक्रिया को पक्षपातपूर्ण बताते हुए लोगों ने जांच की मांग की है। इसकी शिकायत प्रभावितों ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को सौंपी है।
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उनका कहना है कि जल्द ही सीएम के पास पुख्ता सुबूतों के साथ शिकायतें प्रस्तुत करेंगे। इस दौरान निशानदेही के नाम पर हो रहे इस अवैध कार्य का खुलासा किया जाएगा। उधर संबंधित अधिकारी इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर रहे हैं। उनका कहना है कि लोग आपसी रंजिश के कारण इस तरह के आरोप लगा रहे हैं।

क्षेत्रवासियों में अजेश, राजन, विमला, नवीन, शंतिस्वरूप, सुनीता, मोहन लाल आदि का कहना है कि राजस्व विभाग और एनएच विंग बार-बार फोरलेनिंग की एलाइनमेंट का तर्क देकर निशानदेही के दौरान लग चुके निशानों को बदल रहा है। कुछ लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए यह किया जा रहा है। उन्हाेंने दावा किया कि एक माह पहले हुई निशानदेही के मुताबिक कई मकानों के अवैध कब्जे भी निकले थे। उन्हीं को फायदा पहुंचाने के लिए निशान बदले जा रहे हैं।
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लोगों का कहना है कि एसडीएम को व्यक्तिगत रूप से और पत्राचार के माध्यम से सरकारी जमीन पर हुए अवैध कब्जों के बारे में सूचना दी जा चुकी है। पैमाइश करने और अवैध कब्जे हटाने की मांग भी की गई है जिससे सरकारी जमीन उपयोग में लाई जा सके।

एनएच की जद में काफी पुराना शिव मंदिर भी आ रहा है। यह मंदिर आसपास के कई क्षेत्रों के लोगों की आस्था का केंद्र है। लोगों में कमला शर्मा, तारवती, सुनीता, निर्मला गुप्ता, मीना, शांति स्वरूप, बिमला अरोड़ा, निर्मल गुप्ता और दर्शन लाल ने प्रशासन से इस मंदिर को न तोड़ने की गुहार लगाई है।

उधर, उपायुक्त सोलन मदन चौहान ने कहा कि इस तरह की शिकायत की उन्हें जानकारी नहीं है। अगर शिकायत संबंधित अधिकारी के पास है और जांच जरूरी है तो अवश्य की जाएगी।

उधर, एनएच विंग के अधिकारी का कहना है कि राजस्व विभाग ही निशानदेही कर रहा है। इसमें एनएच का कोई काम नहीं है। जहां तक अलाइनमेंट को लेकर बार-बार निशान बदलने की बात है, ऐसा संभव नहीं है। हो सकता है कि राजस्व विभाग को संबंधित क्षेत्रों से मिल रही शिकायतों के चलते निशान बदलने पड़ रहे हैं। वहीं राजस्व विभाग के एक अधिकारी ने सिरे से इन आरोपों को खारिज कर दिया है। तर्क दिया है कि आपसी रंजिश के चलते इस तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं।
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