अधिष्ठात्री मां शूलिनी की श्रद्धा का प्रतीक राज्यस्तरीय शूलिनी मेला आज शुक्रवार को पौराणिक परंपराओं के साथ शुरू होगा।
- फोटो : अमर उजाला
अधिष्ठात्री मां शूलिनी की श्रद्धा का प्रतीक राज्यस्तरीय शूलिनी मेला आज शुक्रवार को पौराणिक परंपराओं के साथ शुरू होगा। शूलिनी मेला मां शूलिनी की पूजा अर्चना के साथ दोपहर पौने दो बजे शुरू होगा।
मां की पालकी भी इसी समय मंदिर से पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ शोभायात्रा के रूप में निकलेगी। 1.50 बजे मंदिर में मां की पालकी को मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह माता की डोली का स्वागत करेंगे और शोभा यात्रा में भाग लेंगे। दोपहर बाद 2.15 बजे बघाट बैंक चौक में माता शूलिनी माता की डोली पर पुष्पवर्षा होगी।
शूलिनी मंदिर से गंज बाजार होते हुए हजारों श्रद्धालुओं के बीच मां की भव्य शोभा यात्रा निकलेगी। पहला पड़ाव पुराने बस अड्डे पर लगाया जाएगा। इसके लिए व्यापक सुरक्षा बंदोबस्त किए हैं। इसके बाद पालकी मालरोड से निकलेगी और उपायुक्त चौक से वापसी कर अपनी बड़ी बहन जो गंज बाजार स्थित पुराने मंदिर में रहती हैं उनसे वहां दो तीन दिन तक रुकेंगी।
मेले की अंतिम संध्या यानि 26 जून को मां की पालकी को पूजा अर्चना के साथ ही उनके मंदिर तक ले जाया जाएगा। पौराणिक वाद्ययंत्रों की धुनों के बीच ढोल नगाड़ों के साथ मां की पालकी को सफेद कुर्ते पाजामा में सजे सिर पर काली कलगी वाली टोपी पहने कलयाणे उठाएंगे।