सोलन कॉलेज में प्राचीण लिपियों के बारे में कार्यशाला के दौरान। स्रोत: कॉलेज
हिमाचल की प्राचीन लिपियों और उनके शिलालेखीय महत्व पर मंथन 112 छात्रों ने लिया भाग
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। राजकीय महाविद्यालय सोलन में इतिहास और संस्कृत विभाग ने आईक्यूएसी के सहयोग से 'लिपियों में गूंज, हिमाचल की प्राचीन लिपियों (ब्राह्मी, शारदा, टांकरी) और उनका एपिग्राफिकल (शिलालेखीय) महत्व' विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का सफल आयोजन किया। कार्यशाला की मुख्यातिथि महाविद्यालय की प्रधानाचार्य डॉ. मनीषा कोहली रहीं। कार्यशाला में महाविद्यालय के अन्य संकाय सदस्यों और 112 छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस महत्वपूर्ण सत्र के संसाधन व्यक्ति राजीव गांधी राजकीय महाविद्यालय चौड़ा मैदान शिमला से इतिहास के सहायक प्रोफेसर डॉ. किशोरी लाल चंदेल थे। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों के प्राचीन लिपियों के ज्ञान को बढ़ाना और उन्हें हिमाचल प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों की पांडुलिपियों और शिलालेखों को पढ़ने का विचार देना था। डॉ. किशोरी लाल चंदेल ने विद्यार्थियों को ब्राह्मी, शारदा और टांकरी लिपियों के बारे में विस्तार से शिक्षित किया और उनके ऐतिहासिक तथा एपिग्राफिकल मूल्य पर प्रकाश डाला। प्रधानाचार्य डॉ. मनीषा कोहली ने छात्रों के लिए अतीत के ज्ञान को प्राप्त करने हेतु ऐसे मंच बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। इस कार्यक्रम का संयुक्त आयोजन संस्कृत विभाग से डॉ. विवेक शर्मा और इतिहास विभाग से प्रो. भुवनेश्वरी कश्यप और प्रोफेसर प्रमोद ने मिलकर किया। प्रो. अलीशा चौहान ने मंच का संचालन किया और प्रोफेसर प्रमोद ने धन्यवाद ज्ञापन किया।