अक्सर हो रही है दुर्घटनाएं, चोटिल भी हुए हैं कई वाहन चालक
खेती के काम न आने पर किसान भी बैलों को छोड़ रहे खुला
हरियाणा के जंगलों से भी सैकड़ों गोवंश आ रहे सड़कों पर
संवाद न्यूज एजेंसी
बद्दी(सोलन)। बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ (बीबीएन) क्षेत्र में करीब 250 लावारिस पशु सड़कों पर घूम रहे हैं, जिससे आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। इनमें 90 गायें और 160 बैल शामिल हैं, जो अक्सर सड़क किनारे ही अपना ठिकाना बना लेते हैं। इन पशुओं के कारण सड़क हादसों में वृद्धि हुई है और जिले में दो लोगों की जान भी जा चुकी है।
स्थानीय लोगों द्वारा स्वार्थ पूरा होने के बाद पशुओं को मरने के लिए छोड़ दिया जाता है। कई गुज्जर दूध निकालने के बाद गायों को सड़कों पर छोड़ देते हैं। वहीं, कुछ लोग दूध देना बंद होने पर अपनी गायों को खुला छोड़ रहे हैं। बछड़ा होने पर भी गायों को सड़क पर छोड़ दिया जाता है, जिससे लावारिस पशुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। बद्दी-सिसवां मार्ग, बद्दी-बरोटीवाला मार्ग पर लक्कड़ डिपो और शिवालिक नगर में ये पशु अधिक दिखते हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग बद्दी-नालागढ़, नालागढ़-दभोटा, रामशहर, पंजेहरा और रोपड़ मार्ग भी प्रभावित हैं।
गो सेवा आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष अशोक शर्मा ने बताया कि वे हर माह लावारिस गोवंश पकड़ने के लिए अभियान चलाते हैं। वे पांच सौ रुपये दिहाड़ी देकर गोवंश को पकड़ते हैं। उन्होंने एक अभियान में नौ गोवंश पकड़े थे, लेकिन शाम को छह हीर गुज्जर उन्हें वापस ले गए। उनकी गोशाला हरे कृष्णा में हर सप्ताह एक या दो घायल गोवंश उपचार के लिए आते हैं। बद्दी में 24 गोशालाएं हैं, जिनमें 12 हजार से अधिक लावारिस गायें पल रही हैं। नालागढ़ के हांडा कोंडी में एक गो अभयारण्य भी है, जहां 400 बैल रखे गए हैं।
पशुपालन विभाग के उपनिदेशक विवेक लांबा ने जानकारी दी कि जिले में पशुओं के हमले से दो लोगों की मौत हो चुकी है। बद्दी के वार्ड एक और दो में सांड गाड़ियों को निशाना बना रहे हैं।