पशुपालन विभाग ने एनएचएआई समेत सभी पंचायत के प्रतिनिधियों को लिखा पत्र
विभाग की जहां जरूरत होगी, वहां पर मदद के लिए भी कर्मी आएंगे आगे
कारोबारी की मौत के बाद विभाग हुआ सतर्क, धर्मपुर से छह पशु भेजे बद्दी
संवाद न्यूज एजेंसी
धर्मपुर(सोलन)। प्रदेश के फोरलेन व एनएच पर से लावारिस पशुओं को हटाने की मुहिम शुरू हो गई है। इसी कड़ी में धर्मपुर पंचायत ने छह लावारिस मवेशियों को पकड़कर बद्दी स्थित हांडाकुंडी पशुशाला भिजवा दिया है। वहीं जल्द ही अब अन्य एनएच व फोरलेन पर भी लावारिस पशुओं को हटाकर गोशालाओं में भेजा जाएगा। इससे पहले कुमारहट्टी पंचायत भी लगभग चार लावारिस पशुओं को हांडाकुंडी भेज चुकी है। यह कार्रवाई लावारिस पशुओं के बढ़ते आतंक को देखते हुए की गई है।
प्रदेशभर के फोरलेन पर भी लावारिस पशुओं का जमावड़ा रहता था, जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहता था। वहीं कुमारहट्टी में सांड के हमले से कारोबारी की मौत हो गई थी और अपने पिता को बचाने में उसका बेटा गंभीर रूप से घायल हुआ था। इस घटना के बाद अब पशुपालन विभाग भी हरकत में आ गया है। इसके लिए विभाग ने एनएचएआई के अधिकारियों व एनएच के साथ लगती पंचायतों के प्रतिनिधियों को पत्र भेजे हैं और इसमें उनके सहयोग से विभाग इन पशुओं को गोशालाओं में भेजेगा।
परवाणू-शिमला फोरलेन पर कुमारहट्टी और धर्मपुर पंचायतों ने अपने क्षेत्रों से लावारिस मवेशियों को पकड़कर हांडाकुंडी भेज दिया है। हाईवे पर पड़ने वाली सनवारा और जाबली पंचायत की प्रधान नीलम ठाकुर ने भी इस दिशा में कदम उठाने की बात कही है। कोटीनाम्भ पंचायत के प्रधान रूबीन ने भी अपनी पंचायत से लावारिस पशुओं को हांडाकुंडी भिजवाने का आश्वासन दिया है। कुमारहट्टी की घटना के बाद सभी विभागों को दोबारा पत्राचार कर जागरूक किया गया है। कोई भी प्राधिकरण पशुपालन विभाग के कर्मचारियों का सहयोग ले सकता है।
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सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश
पशुपालन विभाग के उप निदेशक विवेक लांबा ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय ने 07 नवंबर 2025 को लावारिस पशुओं के संबंध में महत्वपूर्ण आदेश दिए थे। इन आदेशों के अनुसार, राजमार्ग और अन्य सार्वजनिक स्थानों से लावारिस मवेशियों को संबंधित प्राधिकरण द्वारा बचाकर पशुशाला में छोड़ा जाना है। सभी विभागों ने पहले भी लावारिस पशुओं को बचाने का आश्वासन दिया था। हालांकि, जमीनी स्तर पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही थी। कुमारहट्टी की घटना ने इस मुद्दे पर फिर से ध्यान केंद्रित किया है।
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किसानों से अपील और समस्या का मूल
उप निदेशक विवेक लांबा ने कहा कि फोरलेन समेत एनएच से लावारिस पशुओं को पकड़कर अब गोशालाओं में भेजना शुरू कर दिया है। उन्होंने किसानों से अपील की है कि वे अपने पशुओं को लावारिस न छोड़ें। उन्होंने बताया कि कई किसान पशुओं से अपना काम लेने के बाद उनके कान में लगे टैग के नंबर को काटकर उन्हें बाजारों में छोड़ देते हैं। यह एक गंभीर समस्या है जो लावारिस पशुओं की संख्या बढ़ाती है। इस प्रवृत्ति पर अंकुश लगाना आवश्यक है ताकि सड़कों पर पशुओं का जमावड़ा कम हो सके। प्रशासन और पशुपालन विभाग इस समस्या के समाधान के लिए किसानों के सहयोग की अपेक्षा कर रहे हैं।