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Solan News: कोटलानाला में पहाड़ी से गिरे पत्थर और मलबा, जिलेभर में 67 सड़कें बंद

Sun, 13 Aug 2023 11:50 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
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सेालन के वार्ड-8 में शूलिनी मंदिर के समीप भूस्खलन को रोकने के लिए लगाई गई  तिरपाल। संवाद
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सोलन। जिलेभर में बारिश के कारण करोड़ों रुपये की संपत्ति को नुकसान पहुंचा है। शनिवार रात से रविवार दोपहर तक हुई बारिश के कारण जिलेभर में लोनिवि की 67 छोटी-बड़ी सड़कें बंद पड़ी हैं। जिन्हें खोलने का प्रयास लोनिवि की टीम कर रही है। वहीं जिला मुख्यालय के कोटलानाला के पास पहाड़ी से पत्थर और मलबा काफी अधिक मात्रा में सड़क पर गिर गया। इससे डाइट वाली सड़क बंद हो गई। जिसे खोलने के लिए लोनिवि की टीम ने बारिश में ही कड़ी मशक्कत की। इसी के साथ क्षेत्रीय अस्पताल सड़क पर भी पहाड़ी से मिट्टी गिरी।
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वहीं लोक निर्माण विभाग को बारिश से 198 लाख रुपये का नुकसान हो गया है। इसमें सबसे अधिक नुकसान लोनिवि नालागढ़ मंडल को हुआ है। यहां पर 92 लाख रुपये की चपत विभाग को लगी है। इसके अलावा सोलन मंडल को छह लाख रुपये और कसौली मंडल में 25 लाख रुपये और अर्की मंडल 75 लाख रुपये बारिश ने धो दिए हैं। लोनिवि मंडल सोलन की छह, कसौली की 10, अर्की की 37 और नालागढ़ मंडल की 14 सड़कें बंद हो गई हैं। इनमें से रविवार शाम तक 45 सड़कों को बहाल करने का कार्य युद्धस्तर पर चला हुआ था।
गौर रहे कि शनिवार देर रात से मूसलाधार बारिश जिलेभर में लगी हुई है। इससे काफी नुकसान हो रहा है। सोलन जिले में लोनिवि के अलावा जल शक्ति विभाग को भी लाखों रुपये की चपत लगी है। बारिश के कारण अश्विनी और गिरि पेयजल योजना में अधिक मात्रा में गाद आ गई है। वहीं विद्युत बोर्ड के कई उपमंडलों में 30 ट्रांसफाॅर्मर ठप पड़े हैं।
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मां शूलिनी माता मंदिर के पास ढहा डंगा
शहर के मां शूलिनी माता मंदिर वार्ड आठ में डंगा ढह जाने से कई घर खतरे की जद में आ गए हैं। स्थानीय लोगों की ओर से अब यहां पर भूस्खलन को देखते हुए तिरपाल लगा दिया गया है। लोगों ने विभाग से आग्रह किया है कि जल्द क्षेत्र का मुआयना किया जाए।


कालका-शिमला हाईवे पर अधिक मात्रा में भूस्खलन
कंडाघाट (सोलन)। कालका-शिमला रेलवे ट्रैक पर कंडाघाट रेलवे स्टेशन के समीप भारी मात्रा में मलबा आ गया। इससे अब ट्रैक पूरी तरह से बंद हो गया है। वहीं हनुमान सिद्धपीठ परिसर के नीचे का भाग धंसने के कारण भारी मलबा आ गया। सड़क के क्षतिग्रस्त होने और रेलवे ट्रेक बंद होने के कारण आवाजाही और फसल ढुलाइन भी बंद हो गया है।

सेालन के वार्ड-8 में शूलिनी मंदिर के समीप भूस्खलन को रोकने के लिए लगाई गई  तिरपाल। संवाद

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