पुलिस के अनुसार पूछताछ में सनसनीखेज खुलासा हुआ है। मुख्य आरोपी दलीप कुमार का अपनी पत्नी मोनिका के साथ काफी समय से विवाद चल रहा था। मोनिका को रास्ते से हटाने के लिए दलीप ने अपने सगे भाई शिवम और दोस्त मदन कुमार के साथ मिलकर साजिश रची। वे मोनिका को हिमाचल प्रदेश के सोलन में घूमने के बहाने लेकर आए थे, जिससे सुनसान जगह देखकर वारदात को अंजाम दिया जा सके। घटना 10 जुलाई की रात की है। बड़ोग निवासी नरेश कुमार अपनी गाड़ी से देहुंघाट से अपने गांव गलोग जा रहे थे। पंच परमेश्वर मंदिर से पहले एक मोड़ पर उन्होंने तीन युवकों को एक युवती के साथ देखा।
थोड़ा आगे जाने पर उन्हें संदेह हुआ कि युवक युवती का गला दबा रहे हैं। नरेश ने तुरंत अपनी गाड़ी मोड़ी और मौके पर पहुंचे। इसी बीच उन्होंने देखा कि तीनों युवकों ने युवती को सड़क से करीब 100 मीटर गहरी खाई में धक्का दे दिया और पैदल ही नगाली की तरफ भाग निकले। इसके बाद पुलिस चौकी सपरून में पुलिस को इस घटना की सूचना दी गई। सूचना मिलते ही सदर थाना सोलन के प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस टीमें तुरंत पहुंचीं। स्थानीय लोगों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। इस बीच गंभीर रूप से घायल पीड़िता झाड़ियों से किसी तरह बाहर निकलते हुए बाईपास रोड तक पहुंच गई। लोगों ने उसे तुरंत सिविल अस्पताल सोलन पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी नाजुक हालत को देखते हुए उसे आईजीएमसी शिमला रेफर कर दिया गया। घटनास्थल के निरीक्षण के दौरान पैरापिट के पास खून के निशान भी मिले हैं।
एसपी सोलन टी एसडी वर्मा ने बताया कि पुलिस ने भाग रहे तीनों आरोपियों को घटना के महज आधे घंटे के भीतर नगाली के पास पकड़ लिया। इसमें मुख्य आरोपी दलीप कुमार (28) निवासी गांव सिसवारा जिला बहराइच उत्तर प्रदेश, आरोपी के सगा भाई शिवम (20) और मदन कुमार (28) निवासी गांव चौधार्याप फकुरवा, जिला गोंडा, उत्तर प्रदेश शामिल हैं। पुलिस ने घटनास्थल से वैज्ञानिक और भौतिक साक्ष्य जुटाए गए हैं। आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड के सत्यापन के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस से भी संपर्क किया जा रहा है।