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सोलन शहर को स्मार्ट बनाने का प्रस्ताव नामंजूर

Fri, 12 Jun 2015 10:46 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, सोलन।
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महानगरों की तर्ज पर सोलन शहर की अधोसंरचना विकसित करने का मास्टर प्लान नामंजूर गया है। नगर परिषद के 58 करोड़ के महत्वाकांक्षी मास्टर प्लान नामंजूर होने से लोगों की उम्मीदें धराशायी हो गई है। दो साल पहले नगर परिषद के हाउस में इस प्रस्ताव को पारित कर हिमाचल प्रदेश पर्यटन सचिव कार्यालय में भेजा गया। उसके बाद यह प्रस्ताव दिल्ली पर्यटन मंत्रालय को भेजा गया, लेकिन इस मास्टर प्लान को नामंजूर कर दिया गया है।
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बताया जा रहा है कि दो वर्ष बीत जाने के बाद इस प्रस्ताव को केंद्र सरकार ने पर्याप्त फंड न होने और प्रस्ताव में मदानुसार अधिक प्रस्तावित बजट मांगने के कारण मनाही कर दी है। इससे सोलन शहर को सुंदर और आधुनिक बनाने की मुहिम को तगड़ा झटका लगा है। विकास के इस खाके में रोपवे, लिफ्ट, म्यूजियम, शापिंग माल, ओवर ब्रिज, पार्क आदि का निर्माण होना था।

वर्ष 2013 में इस प्रस्ताव को पर्यटन सचिव कार्यालय से वापिस भेजा गया था। तर्क दिया गया था कि इस प्रोजेक्ट को केंद्र सरकार की किस योजना के तहत शामिल किया जाना है। इसकी प्रस्ताव में जानकारी ही नहीं दी गई थी। उधर, नगर परिषद अध्यक्ष कुलराकेश पंत ने बताया कि डीपीआर तैयार कर पर्यटन विभाग के माध्यम से केंद्र सरकार को भेजी गई थी, लेकिन केंद्र सरकार की ओर से मायूसी हाथ लगी है।
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संशोधन के लिए अगर कहा जाता तो कमियां पूरी कर प्रस्ताव दोबारा भेजते, लेकिन किसी तरह के संशोधन की बात नहीं की गई है।

प्रस्ताव में ये था खास
रोपवे से आसान होना था यातायात
शहर के भीड़भाड़ इलाकों में रोपवे से यातायात आसान होना था। इसके लिए 406.25 लाख का बजट प्रस्तावित था। रज्जू मार्ग नए बस स्टैंड से चिल्ड्रन पार्क, चिल्ड्रन पार्क से जवाहर पार्क व कोटला नाला से टैंक रोड़ तक बनना था। इस रोप-वे के बनने से लोगों को आवाजाही में जाम से निजात मिलेगी।

पैसेंजर लिफ्ट के लिए 105 लाख रुपये खर्च होने थे। यह लिफ्ट सर्कुलर रोड से जवाहर पार्क के लिए प्रस्तावित थी। उम्मीद थी कि इससे नगर परिषद की आमदनी में इजाफा होगा। पार्क में जाने वालों की संख्या में भी बढ़ोत्तरी होनी थी। वहीं शॉपिंग माल अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगा। इसमें मल्टीप्लेक्स, बैंकवेट हॉल आदि खोलने का भी प्लान है।

सोलन शहर के साथ लगते सलोगड़ा में नगर परिषद की ओर से साइंस म्यूजियम खोलने की योजना थी। म्यूजियम के लिए पांच करोड़ रुपये का बजट रखा गया। नप का तर्क था कि साइंस म्यूजियम के बनने से छात्र किताबों में छपे अपने मनपंसद वैज्ञानिकों के अविष्कारों का साक्षात्कार कर सकेंगे।

शहर के बीचोबीच स्कूलों के पास ओवर हेड ब्रीज बनाने की नगर परिषद की सोच थी। इसके बनने से जहां एक ओर बच्चों को सड़क क्रॉस करने में आसानी होगी, वहीं जाम जैसी समस्या से भी निजात मिलनी थी। सोलन शहर के बीचोंबीच आधा दर्जन के करीब स्कूल हैं जहां पर सैकड़ों विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण करते हैं। इस योजना को पूरा करने के लिए 90 लाख रुपये का खर्च किया जाना था। शहर में तीन स्थानों पर स्ट्रीट ओवर ब्रीज बनाने के प्रस्ताव थे जिसमें डीसी चौक मुख्य तौर पर लिया गया है।
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