बालकनी की खिड़की से अंदर घुसे
उसका पति आशुतोष उसे सोलन छोड़कर वापस चला गया। घटना के समय प्रिशिका की छोटी बहन कमरे में मौजूद थी, जिसे प्रिशिका ने खाने-पीने का सामान लाने बाहर भेज दिया। जब बहन वापस लौटी, तो दरवाजा अंदर से बंद मिला। आवाज लगाने और फोन करने पर भी जब कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली, तो उसने तुरंत पिता हरिंद्र बिष्ट को सूचना दी। वह मुख्य दरवाजा बंद होने के कारण बालकनी की खिड़की से अंदर घुसे। अंदर जाकर देखा तो बच्ची पानी की बाल्टी में डूबी हुई थी, जबकि प्रिशिका पंखें की कुंडी से लटकी हुई है।