मरीजों को आईजीएमसी या चंडीगढ़ में नहीं खाने पड़ेंगे धक्के
आपात स्थिति में भी मरीजों के होंगे ऑपरेशन
तीमारदारों के जेब का खर्च भी होगा कम, नहीं आएगी दिक्कत
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। क्षेत्रीय अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों के आने के बाद लगातार सुविधाएं भी बढ़ती जा रही हैं। सर्जन की तैनाती के बाद अल्सर फटने के ऑपरेशन भी किए हैं। ये ऑपरेशन पूरी तरह से सफल रहे हैं। हालांकि अभी ये ऑपरेशन लेप्रोस्कॉप से नहीं किए जा रहे हैं। लेप्रोस्कॉप किट आने के बाद आने वाले दिनों में ये ऑपरेशन भी इसी तकनीक से किए जाएंगे। इससे मरीजों को भी लाभ मिलेगा। ऑपरेशन के लिए मरीज को आईजीएमसी शिमला और चंडीगढ़ के धक्के भी नहीं खाने पड़ेंगे।
सर्जन ने नवंबर में अल्सर के छह सफल ऑपरेशन किए हैं। अब क्षेत्रीय अस्पताल में ही अल्सर के ऑपरेशन संभव हैं। इसके अलावा मरीजों को आपातस्थिति में भी ऑपरेशन की सुविधा मिलेगी। इससे मरीज के तीमारदारों के जेब का खर्च भी कम हो जाएगा और अधिक परेशानी भी नहीं झेलनी पड़ेगी।
सर्जन चिकित्सक डॉ. अंकित शर्मा, डॉ. मुकुल शर्मा, डॉ. सौरभ शांडिल और एनिस्थिसिया चिकित्सक डॉ. हितेश ने छह सफल ऑपरेशन करने के बाद मरीजों को इधर-उधर न जाने का आग्रह किया है। चिकित्सकों का कहना है कि क्षेत्रीय अस्पताल में सभी प्रकार की सुविधाएं हैं। सफल ऑपरेशन भी हो रहे हैं। ऐसे में किसी भी मरीज को दिक्कत आने पर वे क्षेत्रीय अस्पताल का रुख करें ताकि समय रहते बीमारी का पता लगाकर उपचार शुरू किया जा सके।
आईसीयू की खलने लगी कमी
क्षेत्रीय अस्पताल में ऑपरेशन के दौरान आईसीयू की कमी खलने लगी है। अस्पताल में चिकित्सक कई बड़े ऑपरेशन कर रहे हैं। मरीजों को सुविधा मुहैया करवा रहे हैं। लेकिन आईसीयू के अभाव में चिकित्सकों को कई बड़े ऑपरेशन करने में दिक्कत आ रही है। इस बारे में अस्पताल प्रशासन की ओर से आईसीयू के बारे में पत्र लिखा है।
क्या है अल्सर
अल्सर तब होता है जब पेट में उत्पादित पाचन रस और पेट की परत की रक्षा करने वाले कारकों के बीच असंतुलन होता है। अल्सर के लक्षणों में रक्तस्राव शामिल हो सकता है। अल्सर पेट की दीवार को पूरी तरह से नष्ट कर सकता है। पेट के अल्सर का एक प्रमुख कारण हेलिकोबैक्टर पाइलोरी नामक बैक्टीरिया है।
क्या है कारण
-तनाव
-मसालेदार भोजन
-धूम्रपान या नशीले पदार्थों का सेवन
-स्टीरॉयड्स का ज्यादा सेवन
अस्पताल में मरीजों को सुविधाएं दी जा रही हैं। कोशिश है कि सभी प्रकार की सुविधाएं मरीजों को क्षेत्रीय अस्पताल में ही उपलब्ध हो जाएं। अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सक हैं। सर्जन के तीनों चिकित्सकों ने हाल ही में छह अल्सर फटने के सफल ऑपरेशन किए हैं।
डॉ. संदीप जैन, चिकित्सा अधीक्षक, क्षेत्रीय अस्पताल सोलन