संवाद न्यूज एजेंसी
दाड़लाघाट (सोलन)। बाडुबाडा मंदिर दाड़लाघाट में श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ कलश यात्रा के साथ हुआ। कथा वाचक आचार्य हरि जी महाराज व उनके साथ आए अन्य आचार्यों का ग्रामीणों ने स्वागत किया गया। उसके बाद महिलाओं ने शिव मंदिर दाड़ला से लेकर कथा स्थल तक कलश यात्रा निकाली। कथा के पहले दिन आचार्य हरि जी महाराज ने आत्मदेव और धुंधकारी की कथा सुनाते हुए जीवन में संतुलन और आज्ञाकारी संतान के महत्व को बताया। उन्होंने कहा कि माता-पिता की सेवा और परिवार के कल्याण में संतान की भूमिका अहम होती है। आज की पीढ़ी नशे की ओर जा रही है, जिसे रोकने के लिए समाज और परिवार को मिलकर प्रयास करना चाहिए। कहा कि बच्चों को अध्यात्म की ओर प्रेरित करें। आचार्य ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा केवल श्रवण की नहीं, बल्कि जीवन में अनुसरण करने की भी बात करती है। यही मार्ग मोक्ष की प्राप्ति की ओर ले जाता है। इस मौके पर श्याम चौधरी, पुष्पेंद्र शर्मा, नरेश गिट्टू, लोक राम, राम कृष्ण बंसल, कमल ठाकुर, लायक राम सहित अन्य मौजूद रहे।