बद्दी के संडोली में कथा शुरू होने से पहले कलश यात्रा में भाग लेते हुए स्थानीय महिलाएं- स्रोत- आ
कथा वाचक पंडित जगमोहन शास्त्री सुनाएंगे प्रवचन
संवााद न्यूज एजेंसी
बद्दी (सोलन)। बाबा बालक नाथ मंदिर में गुप्त नवरात्र के उपलक्ष्य में साप्ताहिक भक्तमाल कथा बुधवार को कलश यात्रा के साथ शुरू हुई। इस अवसर पर संडोली पंचायत और आसपास के गांवों के लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। कलश यात्रा बाबा बालक नाथ मंदिर से काली माता मंदिर होते हुए खाटू श्याम मंदिर तक निकाली गई। कलश यात्रा के बाद महलोग क्षेत्र के कथावाचक जगमोहन शास्त्री ने कथा सुनाई। शास्त्री ने बताया कि भक्तमाल कथा संत नाभादास द्वारा लगभग 16वीं शताब्दी में ब्रज भाषा में रचित एक प्रसिद्ध ग्रंथ है। इसका शाब्दिक अर्थ ''भक्तों की माला'' है। इसमें चार युगों के 200 से अधिक महान भक्तों और संतों के चरित्र, त्याग और महिमा का वर्णन है। कथा का मुख्य उद्देश्य यह बताना है कि ईश्वर से भी अधिक उनके भक्तों की महिमा होती है। इसमें ध्रुव, प्रह्लाद, कबीर, सूरदास, तुलसीदास और मीराबाई जैसे संतों की जीवन गाथाएं शामिल हैं। नाभादास ने इसमें किसी एक संप्रदाय के बजाय सभी मतों के संतों का समान भाव से वर्णन किया है। यह ग्रंथ भक्ति के महत्व को सिखाता है।
कथावाचक ने बताया कि भक्त नाभादास को भक्तमाल लिखने की प्रेरणा अपने गुरु अग्रदास से मिली। नाभादास बचपन से नेत्रहीन थे। अग्रदास और कीलदेव ने अपनी दिव्य शक्ति से उन्हें नेत्र प्रदान किए। नाभादास का आश्रम जयपुर के कलता में स्थित है।
यह कथा सनातन धर्म में संतों की महिमा और उनके जीवन से प्रेरणा लेने का एक प्रमुख माध्यम है। इस अवसर पर गुरदेव, मदन बाबा, स्वर्ण प्रधान, बब्बू लबाना और बलराम पुजारी सहित कई गणमान्य ग्रामीण मौजूद रहे। समाजसेवी हंसराज चंदेल, महेंद्र, राम गोपाल और राज कुमार भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में दर्जनों अन्य ग्रामीण भी शामिल हुए।