व्यवस्था सुधारने के लिए मिला 15 दिन का समय, लापरवाही बरतने पर मान्यता होगी रद्द
शिक्षा विभाग ने निजी स्कूलों का निरीक्षण शुरू किया, 20 स्कूलों की मान्यता होगी रिन्यू
अब तक सात स्कूलों का किया जा चुका है निरीक्षण, खामियां दूर करने के सख्त निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। शिक्षा विभाग की ओर से निजी स्कूलों की मनमानी और नियमों की अनदेखी के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इसमें मान्यता रिन्यू न कर नियमों को ताक पर रखकर चलाए जा रहे 28 निजी स्कूलों को नोटिस जारी कर दिया है। जांच के दौरान सामने आया है कि इन स्कूलों में न तो बच्चों को पढ़ाने के लिए योग्य शिक्षक (टेट पास अध्यापक) तैनात हैं और न ही बच्चों की सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
शिक्षा विभाग ने नोटिस जारी करते हुए साफ चेतावनी दी है कि सभी संबंधित स्कूलों को अपनी कमियों और लचर व्यवस्था को सुधारने के लिए केवल 15 दिन का समय दिया जा रहा है। यदि तय समय सीमा के भीतर स्कूलों ने सुधार की रिपोर्ट विभाग को नहीं सौंपी, तो बिना किसी ढिलाई के उनकी मान्यता रद्द कर दी जाएगी। विभाग ने निजी स्कूलों की जमीनी हकीकत परखने के लिए औचक निरीक्षण का काम तेज कर दिया है। इसके तहत मान्यता रिन्यू के लिए आए 20 स्कूलों के आवेदन पर निरीक्षण शुरू कर दिया है। अभी तक विभाग की टीम द्वारा 7 स्कूलों का पूरी तरह से भौतिक निरीक्षण किया जा चुका है। इन 7 स्कूलों में जो भी कमियां और खामियां पाई गई हैं। इसमें कुछ स्कूलों ने सुरक्षा दीवार नहीं लगाई थी, कुछ स्कूलों के कमरों की खिड़कियों में ग्रील नहीं लगाई थी। इसे तुरंत दूर करने के सख्त आदेश जारी किए गए हैं। शिक्षा विभाग के इस सख्त कदम से उन निजी स्कूल संचालकों में हड़कंप मच गया है जो सुरक्षा मानकों और शिक्षकों की योग्यता के नियमों में लगातार कोताही बरत रहे थे।
कोट
स्कूलों का निरीक्षण शुरू कर दिया है। इसमें 20 स्कूलों की मान्यता को रिन्यू किया जाएगा। इसमें से सात स्कूलों का निरीक्षण किया जा चुका है। इसमें कुछ छोटी खामियां रही है, जिसे पूरा करने के बाद मान्यता रिन्यू कर दी जाएगी। इसके अलावा 28 स्कूलों को नोटिस जारी किया गया है। -रीता गुप्ता, उपनिदेशक, प्रारंभिक शिक्षा