हालात मंडी पहुंचाने का पैसा भी नहीं हो पा रहा है किसानों का पूरा
40 से 100 रुपये तक किराया ले रहे किसानों से, आढ़त भी कट रही
किसानों के खेतों में लगे टमाटर के ढेर, कई ने तुड़ान भी किया बंद
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। प्रदेश के सोलन और सिरमौर जिले के टमाटर उत्पादक किसान इस समय भारी संकट से गुजर रहे हैं। मंडी में टमाटर के उचित दाम न मिलने के कारण उन्हें अपनी लागत भी नहीं मिल पा रही है। स्थिति यह है कि टमाटर की एक क्रेट मात्र 100 से 200 रुपये तक में बिक रही है।
मंडी तक फसल पहुंचाने का भाड़ा भी पूरा नहीं हो पा रहा है। राजगढ़ से सोलन के लिए एक क्रेट का भाड़ा 100 रुपये है। किसानों का कहना है कि इस बार पैदावार बहुत अच्छी हुई है। लेकिन दामों में आई गिरावट ने उनकी कमर तोड़ दी है। मंडी तक एक क्रेट पहुंचाने का किराया 40 से 100 रुपये तक लग रहा है। इसके अलावा आढ़त अलग से काटी जा रही है। फसल पर कीटनाशक और स्प्रे का खर्च बहुत अधिक है। लागत और परिवहन खर्च भी चुकता न होने के कारण कई किसानों ने खेतों से टमाटर का तुड़ान भी बंद कर दिया है। स्थिति यह है कि खेतों में टमाटर के ढेर लगे हुए हैं।
किसानों की आजीविका पर संकट
सोलन जिले के किसानों की मुख्य आजीविका टमाटर की फसल है। पूरे 6 महीने तक चलने वाली इस फसल की कमाई से ही सालभर का परिवार का खर्चा चलता है। बसाल पंचायत के हरीदत्त, मनीष, राम लाल जैसे कई किसानों ने अपनी परेशानी बताई। उचित दाम न मिलने से परिवार का पालन-पोषण करना बेहद मुश्किल हो गया है।
अगस्त में राहत की संभावना
मंडी समिति सोलन के सचिव राघव सूद ने बताया कि बंगलुरू और नासिक में टमाटर की बंपर पैदावार हुई है। इससे बाजार में आपूर्ति अधिक होने से दामों में भारी गिरावट आई है। इस पूरे महीने टमाटर के दाम इसी स्तर पर स्थिर रहने की संभावना है। हालांकि, अगस्त तक दामों में हल्का सुधार या उछाल आ सकता है।