फार्मा उद्यमियों के लिए राहत भरी खबर है। 90 दिन के भीतर फार्मा लाइसेंस और तैयार दवाइयों के अप्रूवल की व्यवस्था को ऑनलाइन कर दिया जाएगा। फार्मा मैन्युफेक्चिरंग एवं ब्रांड अप्रूवल का आनलाइन सॉफ्टवेयर लागू करने पर कार्यशाला में खुलासा हुआ है। इस व्यवस्था को बीबीएन समेत जिला सोलन में लागू करने पर सहमति बनी। कार्यशाला में बतौर मुख्यातिथि स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विनीत चौधरी शामिल हुए। जबकि, हेल्थ सेफ्टी रेगुलेशन के निदेशक रामेश्वर शर्मा ने कार्यशाला में विशेष तौर पर शिरकत की।
उद्यमियों के लिए आईटी सेल गठित- जानकारी दी गई कि किसी भी समस्या के समाधान के लिए आईटी सेल का गठन किया गया है। रॉयल पार्क में आयोजित इस कार्यक्रम में सॉफ्टवेयर को लागू करने में उत्पादकों की ओर से कैसा सहयोग एवं उपेक्षा रहेगी इस पर चर्चा की गई। लघु उद्योग भारती फार्मा विंग के प्रांतीय चेयरमैन राजेश गुप्ता और महासचिव सतीश सिंगला ने इस विषय पर उद्यमियों का पक्ष रखा और आईटी सोल्यूशन सेल गठित करने की नियुक्ति स्वीकार करने पर विभाग का आभार जताया।
ड्रग कंट्रोलर विभाग के चक्करों से मिलेगा छुटकारा- 90 दिनों के अंदर उत्पादनकर्ता एवं विभाग डाटा को अपलोड करने के लिए ऑनलाइन फार्म को आगे बढ़ाएंगे। इससे किसी भी उद्यमी को ड्रग कंट्रोलर विभाग के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। यह ऑनलाइन फार्म पेपरलेस होगा। राज्य ड्रग कंट्रोलर नवनीत मरवाहा एवं सॉफ्टवेयर डेवलपर एनआईसी गुजरात से आए हरीश अडवानी ने भी सेमीनार को संबोधित कर उपयोगी जानकारियां दीं।
उद्यमियों ने दिया आश्वासन- उद्यमियों ने चर्चा के दौरान 90 दिन के भीतर ऑनलाइन सॉफ्टवेयर को लागू करने का आश्वासन दिया। इस मौके पर स्टेट ड्रग कंट्रोलर नवनीत मरवाहा, लघु भारती फार्मा विंग के प्रदेश अध्यक्ष राजेश गुप्ता, महासचिव सतीश सिंगला, राजेश बंसल, आरबी गुप्ता, रवि जैन, राकेश अग्रवाल, धीरज गुप्ता, मनीष ठाकुर, विवेक सिंह, सुरेश गर्ग, हरप्रीत कालडा, संजीव अग्रवाल, राहुल बंसल, मनू जैन, विनीत जैन, डॉ. केएस आर्य समेत 350 से अधिक फार्मा उद्यमी एवं उनके प्रतिनिधियों ने शिरकत की।