निजी स्कूल की तर्ज पर सरकारी स्कूलों की भी होगी ब्रांडिंग
बच्चों का सरकारी स्कूलों में दाखिला करवाने को लेकर अभिभावकों को किया जाएगा प्रेरित
निशुल्क किताबें, वर्दी समेत एमडीएम, पोषण आहार के बारे में बताना होगा
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। सर्दियों की छुट्टियों के बाद वीरवार को सभी स्कूल खुल जाएंगे। इसके लिए शिक्षा विभाग ने सभी तैयारियां भी पूर्ण कर ली हैं। सभी स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि पहले दिन से ही वीएसके पोर्टल पर शिक्षकों और विद्यार्थियों को हाजिरी लगाई जाए। इसके अलावा सरकारी स्कूलों में प्रवेश प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी। बच्चों की संख्या बढ़ाने के लिए भी कहा गया है।
जानकारी के अनुसार सरकारी विद्यालयों में छात्रों की संख्या बढ़ाने के लिए शिक्षा विभाग ने पिछले शिक्षा सत्र से एक नई पहल शुरू की है। निजी स्कूलों की तर्ज पर सरकारी स्कूलों की भी ब्रांडिंग की जा रही है। मुख्याध्यापक समेत शिक्षक सोशल मीडिया, पंफ्लेट, स्लोगन समेत अन्य गतिविधियों से अभिभावकों को बच्चों को सरकारी स्कलों में ही दाखिला दिलवाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। उप जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक शिक्षा जिला सोलन राजकुमार पराशर ने बताया कि शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने के आदेश जारी किए हैं। इसके तहत जिले के प्रत्येक स्कूल में अभिभावकों को प्रेरित करने के लिए विशेष मुहिम शुरू की जा रही है। स्कूल मुखियाओं को आदेश दिए हैं कि स्कूल की उपलब्धियों का ब्योरा तैयार कर उसे सोशल मीडिया, पंपफ्लेट पर तैयार कर बच्चों को सरकारी स्कूलों में ही प्रवेश दिलाने के लिए प्रेरित करें। इसके अलावा स्कूल की टीमें गांवों में रैली निकाल और घर-घर जाकर अभिभावकों को जागरूक करें। एमडीएम, पोषण आहार योजना, निशुल्क वर्दी, निशुल्क किताबें, बेहतरीन फर्नीचर, आधुनिक लैब, आईटी लैब समेत स्मार्ट कक्षाओं की भी जानकारी दे सकते हैं। उधर, शिक्षा उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा मोहिंद्र चंद पिरटा ने बताया कि निजी स्कूलों की ओर अभिभावकों का अधिक झुकाव होने से सरकारी स्कूलों से उनका मोह भंग होता है, लेकिन सरकारी स्कूलों का स्टाफ विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा देने के लिए कार्य करता है। ऐसे में सभी अभिभावकों को अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में दाखिला दिलवाना चाहिए।