शीतलपुर-नानोवाल मार्ग पर टारिंग में ठेकेदार की ओर से घटिया सामग्री लगाने का ग्रामीणों ने आरोप लगाया है। लोगों का कहना है कि 24 घंटे पहले ही मरम्मत मार्ग उखड़ गया। मामले को लेकर लोगों ने विरोध किया और ठेकेदार व विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। लोगों ने विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही जेई ने मौके का निरीक्षण किया तथा कार्य पर रोक लगा दी।
शीतलपुर से नानोवाल खेड़ा तक मार्ग का कार्य चल रहा है। विभाग इस कार्य का ठेका एचएस इंडस्ट्रीज को दिया है। ठेकेदार ने यह कार्य दूसरे ठेकेदार को सौंप दिया है। इस ठेकेदार ने दो किमी मार्ग बनाया जिसकी गुणवत्ता सही है, लेकिन हाल में मुख्य ठेकेदार ने नए ठेकेदार को कार्य दे दिया है।
इस ठेकेदार ने काम चलाऊ कार्य किया और जहां पर दस ड्रम तारकोल लगने थे वहां पर नाममात्र तारकोल बिछा कर कार्य पूरा कर दिया है। अब हालात यह है कि पशुओं के सड़क पर चलते ही मार्ग उखड़ रहा है।
ग्रामीण अवतार सिंह, बचना राम, राकेश, छज्जू राम, भगतराम, ज्ञानचंद, अशोक, बीर सिंह, काला राम, भाग सिंह, रणजीत सिंह, बिट्टू व हंसराज के नेतृत्व में ग्रामीणों ने घटिया सामग्री लगाने पर विभाग व ठेकेदार के खिलाफ नारेबाजी की। अवतार सिंह ने बताया कि उनके परिजन सड़क की इंतजार में अपना जीवन समाप्त कर चुके हैं, लेकिन सड़क बन रही है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर इसे ठीक नहीं किया गया तो उन्हें मजबूरन आंदोलन करना पड़ेगा। उधर, लोनिवि के अधिशासी अभियंता एसके अत्री ने बताया कि शिकायत मिलते ही जेई को मौके पर भेजा गया था। विभाग ने निर्माण कार्य पर रोक लगा दी है। मार्ग के सैंपल जांच के लिए भेज दिए हैं। गुणवत्ता को पूरा ध्यान दिया जाएगा।