टकसाल-गुम्मन के पास ट्रैक किनारे बनी गहरी खाई, रेलवे को हुआ लाखों का नुकसान
13 सितंबर तक रद्द रहेंगी ट्रेनें, ताजा तबाही से अब बहाली में लगेगा और अधिक समय
संवाद न्यूज एजेंसी
परवाणू (सोलन)। विश्व धरोहर कालका-शिमला रेलमार्ग की बहाली पर एक बार फिर कुदरत का कहर बरसा है। शुक्रवार और शनिवार को हुई मूसलाधार बारिश ने रेलवे बोर्ड के मरम्मत कार्यों पर पानी फेर दिया। टकसाल से गुम्मन रेलवे स्टेशन के बीच ब्रिज नंबर 57 के पास दुरुस्त किया गया बड़ा हिस्सा तेज बहाव में बह गया है। इससे ट्रैक के साथ फिर से गहरी खाई बन गई है और रेलवे को लाखों रुपये का नुकसान झेलना पड़ा है। अब इसे तैयार करने में और अधिक समय लग सकता है।
जानकारी के अनुसार, भारी बारिश से क्षतिग्रस्त हुए हिस्से की मरम्मत के लिए रेलवे ने दो सितंबर को अधिसूचना जारी कर धर्मपुर से शिमला के बीच सेवा शुरू की थी। वहीं, प्रभावित जगह पर सामग्री पहुंचाने के लिए सेक्टर-6 से जेसीबी की मदद से अस्थायी रास्ता बनाया गया था। पानी के रुख को मोड़ने के बाद जेसीबी, ट्रकों और दर्जनों मजदूरों की मदद से क्रेट वॉल (सुरक्षा दीवार) का निर्माण किया जा रहा था। मगर नाले में आए उफान ने क्रेट वॉल, मिट्टी और निर्माण सामग्री को पूरी तरह बहा दिया।
ताजा नुकसान के बाद मरम्मत का काम दोबारा शून्य से शुरू करने की चुनौती खड़ी हो गई है। रेलवे ने कालका से ट्रेनों का परिचालन 11 और 13 सितंबर तक रद्द करने की घोषणा की है, लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए ट्रैक बहाल होने में पहले के अनुमान से अधिक समय लग सकता है। रेल सेवा ठप होने से स्थानीय निवासियों के साथ-साथ शिमला आने वाले पर्यटकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।