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Solan News: मुआवजा नहीं मिला तो धरने पर बैठे कामगार के परिजन

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बद्दी(सोलन)। भुड्ड बैरियर के समीप एक पैकेजिंग उद्योग में कामगार की तीन दिन पहले पैर फिसलने मौत हो गई थी। पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया था, लेकिन शव का पोस्टमार्टम परिजनों के आने पर शुक्रवार को करवाया गया। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। परिजन अंतिम संस्कार करने के बजाय शव को संबंधित कंपनी में ले गई। उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी संचालक की ओर से उन्हें कोई मुआवजा राशि नहीं दी गई। उन्होंने शव को गेट पर रख कर कंपनी के खिलाफ प्रदर्शन किया और चेतावनी दी कि जब तक उन्हें मुआवजा राशि नहीं दी जाती तब तक शव को गेट से नहीं हटाएंगे। कामगार इस कंपनी में पिछले पंद्रह साल से काम कर रहा था।
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पुलिस के अनुसार कामगार अजय कुमार गिरि (33) गांव खुशी नगर, डाकघर बर्मा पट्टी जिला और तहसील कुशीनगर (यूपी) की दो दिन पहले मौत हो गई थी। पुलिस के अनुसार कामगार मशीन पर कार्य कर रहा था अचानक उसका पैर फिसला और नीचे गिर गया, जिससे वह बेहोश हो गया। बेहोशी की हालत में उसे अस्पताल पहुंचाया गया, जहां पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मृतक के परिजनों ने कंपनी के संचालकों पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने के बाद शव को परिजनों को सौंप दिया, लेकिन मृतक की मां, भाई, पत्नी और बच्चे शव को लेकर कंपनी पहुंच गए और मुआवजे की मांग करने लगे। इस पर संचालक की ओर से टाल मटोल की गई। उसके बाद कंपनी के अन्य कामगार भी प्रदर्शन में शामिल हो गए।
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इंटक के बीबीएन के अध्यक्ष संजीव कुंडलस ने बताया कि कंपनी में अंड्डे और सेब की ट्रे बनती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कामगार अजय कुमार गिरी दो घंटे तक मशीन के पास बेहोश पड़ा रहा, लेकिन किसी ने उससे हाथ नहीं लगाया। कामगार के तीन बच्चे, पत्नी और मां है जो इस ठंड में कंपनी गेट पर बैठे हुए हैं, लेकिन कंपनी संचालक कोई बात करने को तैयार नहीं है। जब तक पीड़ित परिवार को मुआवजा राशि नहीं मिलती तब तक शव को नहीं हटाया जाएगा। देरशाम तक शव को गेट पर रखकर धरना चलता रहा।
डीएसपी प्रियंक गुप्ता ने बताया कि पुलिस ने कंपनी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। मृतक का बिसरा जांच के लिए जुन्गा प्रयोगशाला भेजा जाएगा। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का पता चल पाएगा।
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