बैठक के दौरान अस्पताल में 50 हजार रुपये खर्च करके भी खराब फर्नीचर की खरीद पर चर्चा हुई। इसमें सदस्यों ने उनकी मरम्मत करने के लिए कहा। इसके अलावा पुराने अस्पताल भवन की मरम्मत करने के लिए भी सहमति बनी। नगर निगम के कर्मचारियों से इसकी मरम्मत करवाई जाएगी। साथ ही अस्पताल में निजी संस्थानों से आने वाली प्रशिक्षु नर्सों की प्रशिक्षण राशि बढ़ाने पर भी सहमति बनी। अभी इन्हें 30 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से दिया जाता है, जो अब 50 रुपये के हिसाब से दिया जाएगा। इसके अलावा अस्पताल में खाली पड़े कमरे में जन औषधी केंद्र खोलने पर भी चर्चा हुई। बैठक के दौरान अस्पताल में रोगी मित्र रखने पर चर्चा हुई, जिसमें आगामी दिनों में प्रशासन अपने स्तर पर निर्णय लेगा। वहीं बंद पड़े पीएसए प्लांट को चलाने के लिए भी निजी संस्था को पत्र लिखा जाएगा। अस्पताल में पांच साल से ज्यादा समय से कार्य कर रहे कर्मचारियों का 2000 रुपये और दो साल से अधिक वाले का 1000 रुपय मासिक इंसेटिव बढ़ाने पर भी सहमति बनी।
सदस्यों ने महंगी दवाओं पर उठाए सवाल
बैठक के दौरान कुछ सदस्यों ने सवाल उठाए कि अस्पताल परिसर में चल रहे दवा स्टोर में जो दवाएं मिल रही है वह मंहगी हैं। जबकि बाहर निजी मेडिकल स्टोर में सस्ती मिल जाती हैं। प्रशासन को इसकी जांच के आदेश दिए गए। यदि महंगी दवाएं पाई गईं तो नियमों के तहत दवाइयों की दुकान पर कार्रवाई होगी। इसके अलावा फेको मशीन की खरीद भी इस माह के अंत तक करने की सहमति बनी।
अतिरिक्त सुविधाएं बढ़ाएंगे
उपायुक्त एवं उपाध्यक्ष रोगी कल्याण समिति मनमोहन शर्मा ने कहा कि रोगी कल्याण समिति द्वारा रोगियों को बेहतर सुविधा प्रदान करने के हर संभव प्रयास किए जाएंगे और रोगियों के लिए सुविधाएं बढ़ाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। डॉ. सुमित सूद ने बैठक की कार्यवाही का संचालन किया। बैठक में इस अवसर पर नगर निगम महापौर सुषमा शर्मा, जिला परिषद अध्यक्ष शीला कुमारी, प्रदेश कांग्रेस पूर्व सैनिक कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष कर्नल संजय शांडिल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोलन डॉ. अजय पाठक, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राकेश पंवर, रोगी कल्याण समिति के गैर सरकारी सदस्य सुरेंद्र बेहल, विनीश धीर, पुनीत शर्मा सहित अन्य गणमान्य एवं सरकारी सदस्य उपस्थित रहे।