स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर के शुक्रवार को बद्दी दौरे के दौरान दवा उद्योगों की समस्याओं को लेकर उद्योग संगठनों ने ज्ञापन सौंपा। इसमें फार्मा उद्योगों की लाइसेंस अप्रूवल फीस को घटाने की मांग की गई। इसमें पंद्रह सौ के बजाय पहले की तरह तीन सौ रुपये फीस करने का आग्रह किया है।
इसके अलावा रिन्यूवल फीस कम करने की भी मांग उठाई है। उद्यमियों ने औद्योगिक नियमों के सरलीकरण पर सीएम और उद्योग मंत्री का धन्यवाद किया।
उद्यमियों ने कहा कि हिमाचल फार्मा हब बन चुका है और यहां पर फार्मा उद्योगों का पोषण करने की जरूरत है। यह इंडस्ट्री यहां पर लंबे समय तक चलने वाली है इसलिए इसका निदान होना भी जरूरी है। लघु उद्योग भारती फार्मा विंग के प्रदेश अध्यक्ष राजेश गुप्ता के नेतृत्व में उद्योगपतियों का दल ने यह मांगे रखी।
इस मौके पर सतीश सिंगला, डॉ. विक्रम बिंदल, एसएल सिंगला, मनु जैन, राजेश बंसल, सुमित सिंगला क्योरटैक फार्मा, प्रदेश उपाध्यक्ष एलयूबी नेत्र प्रकाश कौशिक, अश्विनी सिंगला, सुरेश गर्ग, विवेक सिंह, राहुल बंसल, राजीव कंसल, चेतन स्वरुप, अनिल मलिक, लघु उद्योग भारती बरोटीवाला के अध्यक्ष संजीव शर्मा सहित कई उद्यमी मौजूद रहे।