नालागढ़ शहर से निकलने वाले गंदे पानी को फिर से सिंचाई आदि में प्रयोग में लाया जा सकेगा। शहर का गंदा पानी रूट जोन टेक्नोलॉजी प्रोजेक्ट से प्रदूषण रहित बनाया जाएगा। इसके लिए नगर परिषद ने योजना तैयार कर इसे बीबीएनडीए के माध्यम से पर्यटन विभाग को भेजा था, जिसे पर्यटन विभाग से मंजूरी मिल चुकी है। इस प्रोजेक्ट में कई वार्डों का गंदा पानी एकत्रित करके एक विशेष प्रकार के पौधे से प्रदूषण रहित बनाया जाएगा।
दावा किया जा रहा है कि शहर के गंदे पानी के दोबारा प्रयोग मेें लाए जाने से क्षेत्र के नाले भी साफ सुथरे रहेंगे। इस प्रोजेक्ट के लिए पर्यटन विभाग ने बीबीएनडीए के माध्यम से नगर परिषद को 6 लाख की धनराशि जारी कर दी है। नप की इस योजना के मुताबिक शहर के वार्ड 2,3,8 व 9 से निकलने वाले गंदे पानी को एकत्रित करके इसे दोबारा कृषि योग्य व पशुओं के काम में लाया जाएगा।
बनेंगे चार सीढ़ीनुमा खेत- नगर परिषद कार्यालय के समीप ही बनने वाले इस प्रोजेक्ट में करीब चार सीढ़ीनुमा खेत बनाए जाएंगे, जिनमें विशेष प्रकार के पौधे रोपे जाएंगे, जो गंदे पानी को फिल्टर करके प्रदूषण मुक्त करेंगे, वहीं गंदे पानी की दुर्गंध को भी समाप्त करेगा, जिससे यह पानी पुन: प्रयोग लायक बन जाएगा। नप परवाणू ने भी ऐसा ही प्रोजेक्ट तैयार किया है, जो वहां सफलतापूर्वक काम कर रहा है, इसी के दृष्टिगत नगर परिषद नालागढ़ ने भी ऐसे प्रोजेक्ट पर काम शुरू किया है।
वर्तमान में गंदा पानी बड़ी समस्या-वर्तमान में गंदा पानी नालागढ़ शहर में काफी बड़ी समस्या है। कई वार्डों से निकलने वाले गंदे पानी को ठिकाने लगाने की व्यवस्था नहीं है। गंदा पानी लोगों के खेतों में पैदावार खराब करता है। वहीं कई बीमारियों के पनपने का भी खतरा रहता है। अगर नगर परिषद की यह योजना कामयाब रही तो काफी हद तक प्रदूषण की समस्या से छुटकारा मिल सकता है।