नालागढ़ (सोलन)। बीबीएन में हल्की बारिश के बाद आए तूफान से किसानों की मक्की-धान की फसल जमीन पर बिछ गई है। इससे किसानों की उम्मीदों पर पानी फिर गया है। बीबीएन में छह हजार हेक्टेयर जमीन पर मक्की और पांच हजार हेक्टेयर जमीन पर धान की फसल उगाई जाती है। मंगलवार शाम में क्षेत्र में पहले बारिश हुई और उसके बाद तेज हवा चलने से मक्की-धान की फसल जमीन पर बिछ गई। इस फसल के खराब होने की पूरी-पूरी आशंका बनी हुई है। मक्की को तो किसान किसी तरह तोड़ लेंगे लेकिन धान को जैसे ही काटेंगे तो पका हुआ धान झड़ जाएगा।
किसान जगजीत सिंह, विनोद ठाकुर, अवतार सिंह, सुच्चा सिंह, गुरप्रताप सिंह, हरविंद्र सिंह, साध राम, टेक चंद और हिम्मत सिंह ने बताया कि तूफान ने उनकी पकी हुई फसल तबाह कर दी है। पहले किसानों की मक्की की फसल आर्मी वर्म ने नष्ट की दी थी। रही-सही कसर तूफान ने पूरी कर दी है। इस बार किसानों को उत्पादन लागत भी नहीं मिलेगी। पक्की हुई मक्की पूरी तरह जमीन पर बिछ गई है। अब उठने के आसार कम ही हैं। अगर समय रहते किसानो ंने इसे इकट्ठा नहीं किया तो मक्की के डंठल सड़ जाएंगे। इससे किसानों के सामने पशु चारे की समस्या पैदा हो जाएगी। उधर, विषयवाद विशेषज्ञ डॉ. प्रेम ठाकुर ने बताया कि जिन किसानों की फसल पूरी तरह से पक गई है और इसे बिछी हुई काट लें। इससे किसानों को कुछ न कुछ तो मिल ही जाएगा।