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Solan News: जिले में बारिश व बर्फबारी से फलदार पौधों और फसलों को मिली संजीवनी

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गेहूं, मटर, लहसुन में आएगी जान, फलदार पौधों की भी होगी रोपाई
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संवाद न्यूज एजेंसी

सोलन। जिले के मैदानी क्षेत्रों में बारिश और पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी से ठंड में इजाफा हुआ है, लेकिन यह मौसम किसानों और बागवानों के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं है। चायल, कसौली, बड़ोग और करोल में बर्फबारी हुई है, वहीं धर्मपुर, परवाणू, अर्की, कुनिहार, नालागढ़ और बद्दी में अच्छी बारिश देखी गई है। बारिश और बर्फबारी से समूचा क्षेत्र शीतलहर की चपेट में आ गया है, लेकिन इसका असर फसलों और बागवानी पर सकारात्मक दिख रहा है। कृषि और उद्यान विभाग के विशेषज्ञों के अनुसार, यह बारिश गुठलीदार फलों और अन्य फसलों के लिए जीवनदायिनी साबित होगी। उद्यान विभाग की उपनिदेशक डॉ. शिवाली ठाकुर ने बताया कि बारिश से गुठलीदार फलों समेत अन्य फलदार पौधों और फसलों में नई जान आएगी। नए पौधों को लगाने के लिए भी यह मौसम उपयुक्त है। जिन बागवानों ने पहले से गड्ढे किए हुए थे, वे नए पौधे लगा सकते हैं। ऊपरी क्षेत्रों में हुई बर्फबारी से बागवानों को फायदा होगा क्योंकि इससे पौधों की ग्रोथ बेहतर होगी। कृषि उपनिदेशक डॉ. देवराज कश्यप ने कहा कि सूखे के कारण किसानों और बागवानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था, लेकिन अब बारिश से उन्हें राहत मिली है। सोलन जिले में 1643 हेक्टेयर क्षेत्र में मटर की बिजाई होती है, जबकि गेहूं जिले की प्रमुख रबी फसल है, जो 25,400 हेक्टेयर में उगाई जाती है। इसके साथ ही, जिले के किसान जौ, जई, सरसों, तारामीरा, चना, गोभी, प्याज, लहसुन जैसी फसलें भी उगाते हैं। खासकर बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ क्षेत्र में गेहूं की फसल बहुतायत में उगाई जाती है, जबकि अन्य क्षेत्रों में किसान अपनी जरूरत के अनुसार फसलें उगाते हैं। अब, बारिश के कारण इन सभी फसलों को संजीवनी मिल गई है, और किसान खुशी से इस मौसम का स्वागत कर रहे हैं।
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