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फोरलेन के लिए भूमि कटाई से धंस रहा रेलवे ट्रैक

Sun, 25 Sep 2016 10:47 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, साोलन
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 फोरलेन निर्माण कार्य के कारण शिमला-कालका रेलमार्ग धंसने लगा है। बड़ोग और सोलन के बीच सड़क की चौड़ाई के लिए की जा रही कटाई के कारण रेल पटरी के नजदीक गहरी दरारें उभर आई हैं। हैरत की बात यह है इस कारनामे पर पर्दा डालने के लिए दरारों को सीमेंट से भरना शुरू कर दिया है। जबकि रेलवे विभाग को इसकी खबर तक नहीं है।
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रविवार को मामला सामने आने के बाद स्थानीय प्रशासन ने एनएच अथॉरिटी आफ इंडिया के अधिकारियों को सूचित कर रिपोर्ट तलब की है। उसके बाद रेल विभाग भी जांच में जुट गया है। लिहाजा फोरलेन के निर्माण में रेलवे ट्रैक के साथ पहाड़ों की कटाई के कारण ऐतिहासिक धरोहर पर खतरे के बादल मंडरा रहे हैं। लोगों डा. प्रेम लाल गौतम, सुखदेव शर्मा, देवेंद्र कुमार का कहना है कि दरार सड़क की कटाई के साथ-साथ बढ़ती जा रही है। ऐसे में रेलमार्ग धंस सकता है जिससे जानमाल को भी नुकसान हो सकता है।

96.54 किमी लंबा कालका-शिमला रेलवे ट्रैक 2.6 फीट (762 एमएम) नैरो गेज ट्रैक है। 1898 में इस ट्रैक का निर्माण हुआ। ब्रिटिश राज में समर कैपिटल आफ इंडिया शिमला को जोड़ने के लिए 1903 में इस पर यातायात बहाल किया गया। इसमें कुल 102 टनल और 864 ब्रिज हैं। 2007 में प्रदेश सरकार ने इसे धरोहर घोषित किया। 2008 में यूनेस्को ने इसे विश्व धरोहर का दर्जा दिया।
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एडिशन डिविजनल इंजीनियर शिमला दलीप कुमार ने कहा कि उन्हें जानकारी नहीं है। संबंधित बीट को जांच के आदेश दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा है कि तो इस पर कार्रवाई की जाएगी। उधर फोरलेन निर्माण में लगी कंपनी के प्रोजेक्ट इंचार्ज ने किसी भी टिप्पणी से इंकार किया है।

डीसी सोलन डा. राकेश कंवर का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में आया है। नेशनल अथॉरिटी आफ इंडिया के समक्ष यह मामला उठाया जाएगा। जांच के आदेश दे दिए गए हैं। हेरिटेज को किसी तरह से नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। अगर कहीं कोताही हुई होगी तो नियमानुसार उस पर कार्रवाई होगी।
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