नौ टॉपटेन में आई छात्राओं में से सिर्फ दो ही सरकारी स्कूल से
सरकारी स्कूलों को ओर बेहतरीन कार्य करनी है आवश्यकता
ललित कश्यप
सोलन। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की ओर से घोषित जमा दो के परीक्षा परिणामों में एक बार फिर निजी स्कूलों का वर्चस्व देखने को मिला है। जिला सोलन के आंकड़ों पर नजर डालें तो स्पष्ट होता है कि मेरिट सूची में निजी शिक्षण संस्थानों ने अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखी है, जबकि सरकारी स्कूलों का प्रदर्शन चिंताजनक रहा है। जिले के कुल नौ टॉप टेन स्थानों में से सात पर निजी स्कूलों की छात्राओं ने कब्जा जमाया है। सरकारी क्षेत्र में केवल राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सोलन ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए जिले की साख बचाई है। इस स्कूल की दो छात्राओं ने टॉप टेन सूची में जगह बनाकर यह साबित किया है कि सही मार्गदर्शन मिले तो सरकारी स्कूलों की प्रतिभाएं भी किसी से कम नहीं हैं। हालांकि, जिले के अन्य दर्जनों सरकारी स्कूलों का मेरिट में नाम न आना शिक्षा विभाग के लिए आत्ममंथन का विषय है। जिले के सात अलग-अलग निजी स्कूलों की छात्राओं ने अपनी कड़ी मेहनत के दम पर शीर्ष दस में स्थान हासिल किया है। इस परिणाम ने एक बार फिर अभिभावकों के बीच निजी स्कूलों की शैक्षणिक गुणवत्ता के प्रति विश्वास को बढ़ाया है। सरकारी स्कूलों को अपने बुनियादी ढांचे के साथ-साथ शिक्षण गुणवत्ता में और भी बेहतरीन कार्य करने की आवश्यकता है। नौ टॉपर्स में से केवल दो का सरकारी स्कूल से होना यह दर्शाता है कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के सरकारी संस्थानों में अभी भी बड़े सुधार की जरूरत है। प्रशासन और शिक्षकों को मिलकर आगामी सत्र के लिए ठोस रणनीति बनानी होगी, ताकि सरकारी स्कूलों का ग्राफ भी निजी स्कूलों के समकक्ष आ सके। संवाद
मेरिट सूची में बेटियों का दबदबा, टॉप-10 से छात्र बाहर
जिला सोलन की बेटियों ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। जिले की मेरिट सूची में एक भी छात्र अपनी जगह नहीं बना पाया है। जिले के शीर्ष 9 स्थानों पर केवल छात्राओं ने ही कब्जा जमाया है। शिक्षा उपनिदेशक उच्च शिक्षा गोपाल चौहान ने कहा कि जिला सोलन में छात्राओं का दबदबा पूरी तरह कायम रहा। इस परिणाम ने यह स्पष्ट कर दिया है कि जिला में लड़कियां पढ़ाई के क्षेत्र में लड़कों से काफी आगे निकल रही हैं।