डॉक्टरों के सात पद स्वीकृत,सिर्फ तीन तैनात, फार्मासिस्ट भी एक ही
20 हजार की आबादी निर्भर, रोजाना रहती है 150 तक की ओपीडी
संवाद न्यूज एजेंसी
कुनिहार (सोलन)। सिविल अस्पताल कुनिहार में स्वास्थ्य व्यवस्थाएं चरमराने लगी हैं। अस्पताल में डॉक्टरों के रिक्त पद और फार्मासिस्ट की कमी के कारण मरीजों को सेवाएं समय पर नहीं मिल पा रही हैं। वहीं अस्पताल परिसर की हालत भी जर्जर बनी हुई है। जानकारी के अनुसार अस्पताल में प्रतिदिन करीब 100 से 150 मरीज ओपीडी में जांच के लिए पहुंच रहे हैं, जबकि केवल तीन चिकित्सक सेवाएं दे रहे हैं। अस्पताल पर आसपास की एक दर्जन पंचायतों की 20 हजार से अधिक आबादी निर्भर है। अस्पताल में तैनात डॉक्टरों को भी डेपुटेशन पर अन्य अस्पतालों में भेजा जा रहा है, जिससे सीमित स्टाफ पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है। अस्पताल में सात डॉक्टरों के पद स्वीकृत हैं, लेकिन चार पद लंबे समय से रिक्त हैं। फार्मासिस्ट भी कम होने के कारण दवा वितरण प्रभावित हो रहा है। अस्पताल परिसर की हालत भी खस्ता बनी हुई है। फर्श उखड़ी हुई है और दो पुरानी एंबुलेंस भी चलने लायक नहीं हैं। इस कारण मरीजों और तीमारदारों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
रिक्त पड़े पदों को भरे सरकार
स्थानीय लोगों ने अस्पताल की बदहाल स्थिति पर चिंता जताई। कुनिहार विकास सभा के अध्यक्ष धनीराम तंवर, पेंशनर एसोसिएशन कुनिहार के अध्यक्ष विनोद जोशी और हिमाचल पथ परिवहन सेवा कर्मचारी कल्याण मंच के अध्यक्ष बलवीर चौधरी ने सरकार से रिक्त पदों को जल्द भरने व डेपुटेशन व्यवस्था पर पुनर्विचार करने की मांग उठाई है। इसके अलावा अस्पताल में आधारभूत सुविधाओं को दुरुस्त करने को कहा है। धनीराम तंवर ने बताया कि डॉक्टरों और अन्य कर्मचारियों की कमी कई वर्षों से बनी हुई है और अब तक किसी सरकार ने इस दिशा में कोई पहल नहीं की है।
कोट
कुनिहार सिविल अस्पताल में डॉक्टरों की कमी बनी हुई है। इस समस्या को लेकर विभाग को पत्राचार के माध्यम से अवगत करा दिया गया है, ताकि शीघ्र आवश्यक नियुक्तियां की जा सकें।
अजय पाठक,मुख्य चिकित्सा अधिकारी,सोलन
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