अवैध लेन-देन के सबूत मिलने पर खाते होंगे फ्रीज
फर्जीवाड़े से कमाया पैसा कहां-कहां ट्रांसफर किया का भी लगा रही पता
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। क्षेत्रीय परिवहन एवं लाइसेंसिंग प्राधिकरण (आरएलए) सोलन में हुए बड़े फर्जीवाड़े के मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। पुलिस अब आरोपियों के आर्थिक नेटवर्क को ध्वस्त करने की तैयारी में है। जांच टीम अन्य आरोपियों के बैंक खातों को खंगाल रही है। सूत्रों के अनुसार अवैध लेन-देन के पुख्ता सबूत मिलते ही पुलिस गिरफ्तार किए पांचों एजेंटों के खातों को फ्रीज करने की तैयारी में है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि फर्जीवाड़े से कमाया पैसा कहां-कहां ट्रांसफर किया गया है।
पुलिस के अनुसार आरोपियों की निशानदेही पर कई और चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं। इस मामले में नए नाम भी सामने आ सकते हैं। इस नेटवर्क में कुछ अन्य अधिकारियों और बाहरी एजेंटों के शामिल होने की भी आशंका जताई जा रही है। पुलिस उन सिस्टम और दस्तावेजों को बरामद करने का प्रयास कर रही है, जिनका उपयोग फर्जीवाड़े को अंजाम देने के लिए किया गया था।
प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि यह गिरोह न केवल सोलन, बल्कि पूरे प्रदेश में अपना जाल फैलाने की फिराक में था। गिरोह नए एजेंट तैयार कर रहा था, ताकि बड़े स्तर पर आरएलए से संबंधित कार्यों में फर्जीवाड़ा किया जा सके।
डीएसपी अशोक चौहान ने बताया कि पुलिस हर उस कड़ी को जोड़ने का प्रयास कर रही है, जिससे इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में कुछ और गिरफ्तारियां भी संभावित हैं। उन्होंने कहा कि आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया। अदालत ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।