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Solan News: विद्यार्थियों से पुलिस मित्र बन समाज से नशे और साइबर अपराध को उखाड़ फेंकने का आह्वान

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धर्मपुर स्कूल में बुधवार को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित पुलिस की पाठशाला के दौरान मौजूद 
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पुलिस की पाठशाला
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संवाद न्यूज एजेंसी
धर्मपुर (सोलन)। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल धर्मपुर में पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम का आयोजन किया गया। डीएसपी परवाणू अनिल शर्मा ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की, जबकि स्कूल प्रधानाचार्य धर्मवीर कौर, पुलिस थाना प्रभारी धर्मपुर दलीप तोमर विशेष रूप से मौजूद रहे। डीएसपी ने बताया कि इस कार्यक्रम का मुख्य लक्ष्य लोगों के मन से पुलिस के प्रति नकारात्मक नजरिए को बदलकर उन्हें पुलिस मित्र बनाना और देश की ज्वलंत समस्याओं के प्रति जागरूक करना है। इस दौरान स्कूल प्रधानाचार्य ने अमर उजाला और पुलिस प्रशासन का इस कार्यक्रम के लिए आभार जताया।
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नशे के खिलाफ जंग : एक बार का शौक बन सकता है बर्बादी इससे बचें।
साइबर क्राइम : एआई के दौर में खतरों के प्रति सतर्क रहने की दी सलाह।
अनजान व्यक्तियों को सोशल मीडिया पर मित्र न बनाएं।
बालिग होने से पहले बच्चे न चलाएं कोई भी वाहन।
सड़क हादसे में भारत में होती हैं सबसे अधिक मौतें।
नशा बेचते या करते दिखे तो पुलिस को तुरंत दें सूचना।
हेल्पलाइन नंबर 1930 पर करें साइबर अपराध की शिकायत।

इनसेट
छात्रों के सवाल और पुलिस के जवाब
सवाल : नौवीं कक्षा के नितीश ने पूछा कि जिला सोलन में नशे को बंद नही करवा सकते हैं क्या।
जवाब- पुलिस अधिकारी ने बताया कि जिला सोलन में पंचायत स्तर पर कमेटियां गठित की गई हैं और पुलिस हर दिन नशा तस्करों के खिलाफ जंग लड़ रही है।

सवाल : दसवीं की छात्रा आकाशी ने पूछा कि ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक साइबर क्राइम क्यों है।
जवाब : मोबाइल के जरिए कहीं भी अपराध हो सकता है। इसके लिए वे लोग भी जिम्मेदार हैं जो बिना सोचे-समझे अपनी निजी जानकारी साझा करते हैं।

सवाल : छात्र चंदन ने पूछा कि नशा निवारण टीम क्या करती है।
जवाब : नशे का कारोबार खत्म करने के लिए टीम एकत्रित होकर काम करती है। अगर कोई नशे के बारे में जानकारी दे तो उसकी पहचान गुप्त रखी जाती है।

सवाल : छात्रा आस्था ने पूछा प्रदेश में वीआईपी कल्चर खत्म क्यों नहीं होता।
जवाब : पुलिस अधिकारी ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में वीआईपी कल्चर खत्म हो चुका है, केवल सुरक्षा कारणों से ही मुख्यमंत्री और राज्यपाल जैसे अति विशिष्ट व्यक्तियों के काफिले के लिए ट्रैफिक रोका जाता है।
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