हाईकोर्ट के सख्त निर्देशों पर भी बरोटीवाला औद्योगिक क्षेत्र में प्रदूषण नियंत्रित नहीं हो रहा।
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हाईकोर्ट के सख्त निर्देशों पर भी बरोटीवाला औद्योगिक क्षेत्र में प्रदूषण नियंत्रित नहीं हो रहा। उद्योगों की चिमनियों से निकलने वाले काले धुएं के गुबार लोगों के घरों में काली परत के रूप में जमा होकर उनके स्वास्थ्य को हानि पहुंचा रहे हैं। उद्योगों पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ढील से लोगों को भारी परेशानी हो रही है। औद्योगिक क्षेत्र बरोटीवाला में रोजाना लोगों के घरों तक उद्योगों से निकलने वाला जहरीला धुआं पहुंच रहा है।
बरोटीवाला पंचायत के बुरावाला लोअर बटेड और बलयाणा गांव में कई उद्योग शोर और वायु प्रदूषण फैला रहे हैं। स्थिति यह है कि लोगों की घरों की दीवारें, छतें और कपड़े भी उद्योगों के काले धुएं तथा धूल से खराब हो रहे हैं। उद्योग प्रदूषण बोर्ड की गाइड लाइन को तोड़ने के साथ लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर रहे हैं। ग्रामीण राजेंद्र सिंह राणा, ललित मोहन, हितेंद्र सोनू, दीवान चंद शर्मा, सौंदी राम चौधरी, विधिचंद ठाकुर, रामलोक ठाकुर, किशन पाल शर्मा और सुरेंद्र ने कहा कि बरोटीवाला के कई बड़े उद्योगों से लगातार काला धुआं निकलने से घरों की छतों और कपड़ों पर काली परत जमा हो रही है। लोगों और पंचायत की ओर से कई दफा इन उद्योगों का विरोध तथा प्रदूषण बोर्ड को शिकायत की गई। इसके बाद भी प्रदूषण के मामले में बरोटीवाला पंचायत की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदूषण बोर्ड की ओर से उद्योगों की नियमित जांच नहीं हो रही। उद्योगों को बिना जांच के एनओसी दी जा रही है। ग्रामीणों ने कहा कि उद्योगों पर प्रदूषण बोर्ड कार्रवाई करे अन्यथा इस संबंध में हाईकोर्ट में याचिका दायर की जाएगी। प्रदूषण बोर्ड के एसडीओ अतुल परमार ने कहा कि बोर्ड को इस संबंध में कोई शिकायत नहीं मिली है। बरोटीवाला क्षेत्र में अगर उद्योग प्रदूषण नियामकों की अवहेलना कर रहे हैं तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।