हरियाणा के खनन विभाग ने एनएचएआई को मार्ग बनाने के लिए मिट्टी उठाने की दी परमिशन
31 किलोमीटर फोरलेन से उद्योगपतियों समेत अन्य लोगों को राहत
469 करोड़ की लागत से किया जा रहा है फोरलने का निर्माण कार्य
ओमपाल सिंह
बद्दी(सोलन)। पिंजौर-नालागढ़ फोरलेन निर्माण कार्य अब रफ्तार पकड़ेगा। हरियाणा के खनन विभाग ने एनएचएआई को मार्ग बनाने के लिए मिट्टी उठाने की परमिशन जारी कर दी है। बद्दी से पिंजौर तक का क्षेत्र रेड जोन में आने से अक्तबूर 2023 से खनन विभाग ने मिट्टी उठाने पर रोक लगा दी थी। जिससे फोरलेन निर्माण कार्य काफी धीमी गति से चल रहा था। निर्माण कंपनी ने यहां पर केवल पुल व रिटेनिंग वाल बनाने का ही कार्य लगाया हुआ था। सड़क निर्माण का कार्य बंद था। लेकिन अब परमिशन मिलने के बाद अब निर्माण कार्य में तेजी आएगी। फोरलेन का कार्य सितंबर 2024 में पूरा होना था, लेकिन कई प्रकार की अड़चनों के कारण अब इस अवधि को बढ़ाकर दिसंबर 2025 कर दिया गया है। पिंजौर से नालागढ़ तक 31.195 किमी फोरलेन का निर्माण कार्य जारी है। एनएचएआई ने इस कार्य का पटेल एंड कंपनी को 469 करोड़ रुपये में ठेका दिया है। ठेकेदार को 30 माह का समय दिया गया है। हरियाणा में 14 और हिमाचल में 17 किमी फोरलेन बनना है। फोरलेन में 4 बड़े पुल, 15 छोटे पुल, 96 कलवर्ट, एक फ्लाईओवर, दो अंडरपास बनने हैं। बद्दी में फ्लाईओवर का कार्य चल रहा है। किशनपुरा और बद्दी में ही अंडरपास बनने हैं। बद्दी, मंडावाला, मलकूमाजरा और किशनपुरा में बड़े पुल बनने हैं। हिमाचल में तो काम सुचारु रूप से चल रहा है।पिंजौर-नालागढ़ फोरलन के प्रोजेक्ट प्रभारी वरिष्ठ इंजीनियर असलम खान ने बताया कि अक्तूबर 2023 से हरियाणा के खनन विभाग ने बद्दी से पिंजौर तक मिट्टी उठाने पर रोक लगा दी थी। जिससे निर्माण कार्य थम सा गया था। एनएचआई ने इस मद्दे को हरियाणा सरकार व केंद्र के समक्ष भी उठाया और अब जाकर मिट्टी उठाने की खनन विभाग ने परमिशन दी है। जिससे काम में अब तेजी आएगी। अभी तक 40 फीसदी कार्य हुआ है। जिसमें 25 फीसदी हरियाणा में और 15 फीसदी हिमाचल में रोड बनाने का कार्य पूरा हुआ है। संवाद