दो दर्जन गांव के लोगों ने उद्योग के गेट पर किया धरना प्रदर्शन
संवाद न्यूज एजेंसी
नालागढ़ (सोलन)। नालागढ़ के पलासड़ा क्षेत्र में दवा का कच्चा माल बनाने वाली एक उद्योग के खिलाफ ग्रामीणों ने मोर्चा खोल दिया है। यूनिट से निकल रही कथित जहरीली और खतरनाक गैस से परेशान करीब दो दर्जन गांवों के लोगों ने सोमवार को उद्योग के मुख्य गेट के बाहर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का साफ कहना है कि प्रदूषण के कारण अब इलाके में सांस लेना भी जानलेवा हो गया है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि उद्योग से निकलने वाली दूषित हवा और गैस के कारण लोगों को सांस की बीमारियां हो रही हैं। स्थिति इतनी गंभीर है कि कई परिवार अपना घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाने को मजबूर हो गए हैं। ग्रामीणों ने चेताया कि यदि प्रशासन ने तुरंत इस यूनिट पर कार्रवाई नहीं की, तो पूरा क्षेत्र गंभीर महामारी की चपेट में आ सकता है।
विधायक और पूर्व विधायक पहुंचे समर्थन में
ग्रामीणों के संघर्ष को बल देने के लिए विधायक हरदीप सिंह बावा और पूर्व विधायक लखविंद्र राणा भी मौके पर पहुंचे। विधायक बावा ने कहा कि यह केवल पर्यावरण का नहीं, बल्कि लोगों के जीवन का मुद्दा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि वह इस मामले को विधानसभा में उठाएंगे और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
हाईकोर्ट जाने की तैयारी में पर्यावरण संस्थाएं
हिम परिवेश और हंडूर पर्यावरण संस्था के पदाधिकारियों बालकृष्ण शर्मा, नराता राम, हरदीप सिंह, रणजोध सिंह, मोहन शर्मा और इंदू वैद्य ने कड़े शब्दों में उद्योग को बंद करने की मांग की। उन्होंने कहा कि 4-5 किलोमीटर के दायरे में आने वाले गांवों के लोग रोजाना खतरनाक गैस झेल रहे हैं। संस्थाओं ने एलान किया कि अब इस लड़ाई को निर्णायक मोड़ तक ले जाने के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया जाएगा।