अश्वनी पेयजल परियोजना से सप्लाई बंद होने के बाद सोलन शहर में पेयजल संकट गहरा गया है। इस कारण शहर के लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। शनिवार को आईपीएच द्वारा गिरि से महज 6 लाख गैलन पानी की सप्लाई ही मिल पाई।
इससे नगर परिषद रोटेशन के आधार पर कुछ ही वार्डों को सप्लाई कर पाई। अधिकांश वार्ड पानी के इंतजार में ही रहे। आलम यह रहा है कि लोहड़ी और संक्रांति जैसे त्यौहारों पर भी नगर प्रशासन लोगों को पानी मुहैया नहीं करवा पाया।
स्थानीय निवासी सारिका, सुरेश, लक्की, कमला, सुदेश, नरेश, किशोर और अशोक ने बताया कि लोहड़ी और मकर संक्रांति जैसे त्योहार पर स्नान का खासा महत्व है। लेकिन इस बार यह त्योहार भी बिना नहाए ही मनाना पड़ा। शहर के कई वार्डों समेत रबौण, आंजी और दोउनघाट आदि क्षेत्रों में करीब सात दिन से पानी की सप्लाई नहीं हो पाई है। इससे लोगों में नप और नगर परिषद की कार्य प्रणाली पर रोष है।
छह लाख गैैलन ही मिला पानी
नगर परिषद के जेई बीएस ठाकुर ने बताया कि आईपीएच ने शनिवार को महज 6 लाख गैलन पानी की सप्लाई ही की। नप आज शहर के वार्ड 10 और 11 से पानी से सैंपल भरेगी। सभी सैंपल कंडाघाट लैब में टेस्ट के लिए भेजे जा रहे हैं। इसकी रिपोर्ट दो तीन दिनों में मिल जाएगी।
घरों से लिए पानी के सैंपल
अश्वनी खड्ड के बिना उपचार के जल के नमूनों में हैपेटाइट्स-ए यानी पीलिया का वायरस पाए जाने के बाद से नगर परिषद ने भी पानी की शुद्धता को जांचने के लिए कमर कस रखी है। इसके लिए नप आईपीएच और स्वास्थ्य विभाग के साथ शहर के विभिन्न वार्डों के घरों की टैंकियों से पानी के सैंपल ले रहा है। इसी कड़ी में नप ने वार्ड 9 के क्षेत्रीय अस्पताल और मधुबन कालोनी के अलग-अलग घरों से पानी के नमूने लिए। इसे कंडाघाट लैब में टेस्ट के लिए भेजा है।
चार दिन बाद भी पानी नहीं : मीरा
नगर परिषद उपाध्यक्ष मीरा आनंद ने कहा कि लोहड़ी और मकर संक्रांति जैसे त्योहारों पर भी लोगों को पानी न मिलने से दुख होता है। इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि सोलन में पानी की समस्या कितनी गहरा चुकी है। कहा कि उनके वार्ड नंबर 13 में चार दिन बाद भी पानी की सप्लाई नहीं पहुंच रही। इससे घरों के काम करने में महिलाओं को खासी परेशानी हो रही है। गिरि से पानी की सप्लाई नहीं बढ़ती है तो आने वाले दिनों में पानी की समस्या और विकराल बन जाएगी।