पेंशनर एसोसिएशन की सोलन जिला इकाई की बैठक में सोलन नप को निगम का दर्जा देने की मांग गूंजी। तर्क दिया कि शहर में बढ़ती आबादी के साथ बढ़ती समस्याओं को ध्यान में रखते हुए निगम अति आवश्यक है।
बैठक में कई विभागों में 3 सालों से लटके मेडिकल बिलों पर रोष व्यक्त किया गया। वक्ताओं ने कहा कि प्राथमिकता के आधार पर बजट का प्रावधान किया जाए। गंभीर बीमारियों के लिए रिजर्व फंड का प्रावधान हों ताकि जरूरत पड़ने पर संबंधित पेंशनरों को इलाज के लिए उस रिजर्व मेडिकल फंड से भुगतान हो सके। बैठक की अध्यक्षता न्याय एवं सामाजिक अधिकारिता मंत्री धनीराम शांडिल ने की।
इन मुद्दों पर हुई चर्चा
अस्पताल में पूरा हो स्टाफ
बैठक में क्षेत्रीय अस्पताल में डॉक्टर और स्टाफ की कमी को पूरा करने की मांग को जोरों शोरों से उठाया गया। कहा गया कि पर्याप्त स्टाफ न होने के चलते लोगों को भारी परेशानी होती है। वरिष्ठ लोगों को इलाज के लिए इधर उधर भटकना पड़ता है। यह मांग काफी अरसे से उठाई जा रही है, लेकिन मांग पूरी नहीं हो सकी है।
ओल्ड ऐज होम बनाए प्रशासन
वरिष्ठ नागरिकों ने ओल्डएज होम की मांग भी मंत्री के समक्ष रखी। कहा कि ओल्डएज होम न होने के कारण उन्हें काफी परेशानी होती है। केंद्र सरकार से प्रत्येक जिला में ओल्डएज होम प्रस्तावित है। लेकिन सोलन में अभी तक यह निर्माण नहीं हुआ है।
मूल पेंशन में मर्ज हो अलाउंस
पेंशनर को 65, 70, 75 वर्ष आयु पूरा करने पर जो अलाउंस मिल रहा है उसे मूल पेंशन में मर्ज करने का मुद्दा भी गूंजा। पेंशनरों ने कहा कि कांग्रेस पार्टी द्वारा अपने घोषणापत्र में यह मुद्दा शामिल किया था जिसको अभी तक पूरा नहीं किया गया। इसके लिए पेंशनरों को मलाल है।
वार्ड-13 में मिले एंबुलेंस मार्ग
शहर का वार्ड नंबर 13 जोकि रेलवे लाइन के नीचे स्थित जहां लोगों को सड़क सुविधा नहीं है। इस कारण क्षेत्र के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बीमार अवस्था में रोगियों को उठा कर सड़क तक पहुंचाना पड़ रहा है। प्रदेश बोर्ड कारपोरेशन एवं अन्य विभागों में मई 2013 से पूर्व कार्यरत कर्मचारियों को भी अन्य विभागों की तरह पेंशन और अन्य सुविधाएं प्रदान की जाएं। मांग की कि इन मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने की अपील की है।
यह रहे मौजूद
इस मौके पर अध्यक्ष जयदेव शर्मा, बिमल के वर्मा, जेसी बंसल, शारदा ठाकुर, बाबू राम, सुंदर सिंह ठाकुर, मोहन कौंडल, मधु तंनवर, कांता यादव, खेम सिंह ठाकुर, एसआर गुप्ता, रमेश चंद प्राशर, डॉ. केएन ओझा, एसएल वर्मा, श्याम लाल ठाकुर, आरएस ठाकुर और अन्य मौजूद रहे।