हिमाचल परिवहन सेवानिवृत्त कर्मचारी कल्याण मंच के अधिवेशन में मांगों को लेकर सरकार से नाराजगी जताई गई। साथ ही सरकार को चेताया कि अगर उनकी मांगें न मानी गईं और लंबित पेंशन का भुगतान न हुआ तो मजबूरन आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा। इसकी जिम्मेवारी निगम प्रबंधन व राज्य सरकार की होगी। अधिवेशन की अध्यक्षता रविवार को नालागढ़ के एक निजी होटल मे प्रदेशाध्यक्ष बलराम पुरी ने की। अधिवेशन में सर्वसहमति से सेवानिवृत्त कर्मचारियों की मांगों से संबंधित प्रस्ताव पारित किए गए और नई कार्यकारिणी का भी गठन किया गया। बैठक में प्रस्ताव पारित कर निर्णय लिया गया कि निगम प्रबंधन व राज्य सरकार निगम के सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन का भुगतान व उनकी मांगों को शीघ्र पूरा करे अन्यथा मंच को संघर्ष का रास्ता अपनाने पर मजबूर होना पड़ेगा। कर्मचारी कल्याण मंच ने सरकार से मांग की है कि पेंशन का स्थायी समाधान किया जाए। मेडिकल भत्ता राज्य सरकार के पेंशनरों की भांति दिया जाए। महंगाई भत्ते की किस्तों के बकाया एरियर का भुगतान शीघ्र किए जाने की मांग भी रखी। वहीं, सरकार के पेंशनरों की तर्ज पर निगम के सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भी 65,70,75 वर्ष आयु पूरी करने पर पांच, दस, पंद्रह प्रतिशत पेंशन में बढ़ोतरी करने की मांग रखी। निगम से सेवानिवृत्त हुए परिचालकों को सीनियर स्केल व बीस वर्ष पूरा कर चुके सेवाकाल पर कार्यरत परिचालकों की भांति दो वेतन वृद्धियां दिए जाने की मांग की गई।