डॉक्टरों की पेन डाउन स्ट्राइक के दौरान सुबह करीब दो घंटे बाद जिला तथा अन्य अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं बेहाल रहीं।
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डॉक्टरों की पेन डाउन स्ट्राइक के दौरान सुबह करीब दो घंटे बाद जिला तथा अन्य अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं बेहाल रहीं। दो घंटे के बाद भी चिकित्सकों के पहुंचने पर भारी रश के बीच रोगियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। हालांकि स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि किसी भी रोगी को बिना इलाज के वापस नहीं भेजा। लेकिन इस हड़ताल से रोगियों की दिक्कतें काफी बढ़ गई हैं। खासकर वह रोगी जो दूर दराज के क्षेत्रों से सुबह आते हैं, ताकि शाम को समय रहते वह अपने घर वापस पहुंच सके।
प्रदेश मेडिकल ऑफिसर एसोसिएशन के आह्वान पर चिकित्सकों की पेन डाउन स्ट्राइक सोमवार को भी जारी रही। क्षेत्रीय अस्पताल के डाक्टरों ने सुबह इकट्ठा होकर स्वर्गीय डॉ. दलजीत सिंह को श्रद्धांजलि दी। इस बीच अस्पताल में अपना इलाज करवाने आए मरीजों को सुबह दो घंटे तक ओपीडी में रोगियों को इलाज के लिए तरसना पड़ा। तो कुछ को मायूस होकर लौटना पड़ा। कुछ मरीजों ने निजी क्लीनिक जाकर ही अपना इलाज करवाना बेहतर समझा। इस दौरान विभिन्न टेस्ट आदि करवाने आए रोगियों को परेशानी झेलनी पड़ी। हालांकि अस्पताल में आपात सेवाएं चलती रहीं। मांगे न मानने पर बिफरे चिकित्सक 3 से 12 फरवरी तक सभी डॉक्टर सुबह दो घंटे की पेन डाउन स्ट्राइक पर हैं। 24 जनवरी से 2 फरवरी तक काले बिल्ले लगाकर विरोध किया। इसके साथ ही अर्की और कुनिहार आदि अस्पतालों में भी स्वास्थ्य सेवाएं ठप रहीं।
बिना इलाज के कोई नहीं लौटा : धरोच
सीएमओ डॉ. आरके धरोच ने बताया कि सोमवार को अस्पताल में आए मरीजों का इलाज हुआ है। उन्होंने कहा कि किसी भी मरीज को बिना इलाज के नहीं लौटना पड़ा है। कहा कि चिकित्सक पेन डाउन स्ट्राइक पर हैं। लेकिन हड़ताल के बाद देर तक ओपीडी में रोगियों की जांच कर रहे हैं। अस्पताल में बेहतर सेवाएं देने के प्रयास किए जा रहे हैं।