पंचायतों से ज्यादातर पंचायत प्रतिनिधि रहे नदारद
चिट्टे के खिलाफ मंथन करने के बाद दिलाई शपथ
आज भी जिले की पंचायतों में होंगी विशेष ग्राम सभाएं
पंचायतों का कार्यकाल खत्म होने का दिखा ज्यादा असर
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन/धर्मपुर/कुनिहार। एंटी चिट्टा अभियान को लेकर जिले की पंचायतों में विशेष ग्राम सभाओं में ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों ने खास रुचि नहीं दिखाई। कई पंचायतों में तो स्थिति यह रही कि पंचायत प्रतिनिधियों ने आपस में बैठक कर केवल औपचारिकताएं निभा दीं। इसके पीछे एक बड़ा कारण पंचायत प्रतिनिधियों का कार्यकाल समाप्ति की ओर होना भी बताया जा रहा है। ऐसे में कई प्रतिनिधियों ने एंटी चिट्टा पर योजना बनाने को अपने लिए निरर्थक माना।
प्रदेश सरकार के निर्देशों के बाद जिले की सभी पंचायतों में एंटी चिट्टा को लेकर विशेष ग्राम सभाएं आयोजित की गईं। सरकार का उद्देश्य था कि लोगों को नशे के खिलाफ जागरूक किया जाए और यह बताया जाए कि चिट्टे के सेवन से युवा किस तरह बर्बाद हो रहे हैं। इन ग्राम सभाओं में नशे पर रोक लगाने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जानी थी, लेकिन अधिकांश पंचायतों में कोई प्रभावी योजना तैयार नहीं हो पाई। कई जगहों पर केवल एंटी चिट्टा शपथ लेकर औपचारिकता पूरी कर दी गई।
धर्मपुर पंचायत में आयोजित ग्राम सभा में 11 वार्ड सदस्यों में से केवल तीन ही उपस्थित रहे। ग्रामीणों की संख्या भी नाममात्र रही। यहां पंचायत प्रधान भी बैठक में नहीं पहुंचे। उप प्रधान ने ही बैठक की अध्यक्षता की। धर्मपुर पंचायत को चिट्टे के मामले में पहले ही रेड जोन घोषित किया जा चुका है। इसी तरह कुनिहार पंचायत में केवल प्रधान, उप प्रधान, दो वार्ड सदस्य और दो ग्रामीण ही ग्राम सभा में पहुंचे। वहीं धर्मपुर की गुल्हाड़ी पंचायत में केवल प्रधान ही ग्राम सभा स्थल पर पहुंचीं और लोगों का इंतजार करती रहीं।
धर्मपुर पंचायत में आयोजित विशेष ग्राम सभा की अध्यक्षता उपप्रधान अजय गरचा ने की। इस दौरान बीडीओ कार्यालय धर्मपुर से महिला सामाजिक शिक्षा अधिकारी निर्मला रनोट पर्यवेक्षक के रूप में मौजूद रहीं। बैठक में उपस्थित ग्रामीणों ने बताया कि चिट्टे की लत में फंसे युवा चोरी जैसी घटनाओं में संलिप्त हो रहे हैं। कई मामलों में घर का सामान तक बेचने को मजबूर हो चुके हैं। एक परिवार का युवक लगातार चोरी की आदतों में फंस चुका है। लोगों ने सरकार से चिट्टे की पूरी चैन तोड़ने की मांग की और धर्मपुर को नशा मुक्त बनाने की शपथ ली।
आधी पंचायतों में वीरवार को होंगी ग्राम सभाएं
जिले की 240 पंचायतों में से बुधवार को आधी पंचायतों में विशेष ग्राम सभाएं आयोजित की गईं, जबकि वीरवार को शेष पंचायतों में ग्राम सभाएं आयोजित की जाएंगी। इन बैठकों में विशेष रूप से युवाओं से भागीदारी की अपील की गई है, ताकि उन्हें नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया जा सके।
गुल्हाड़ी पंचायत की प्रधान कमलेश ने कहा कि उनका कार्यकाल मात्र दो दिन शेष है। इसी कारण पंचायत प्रतिनिधियों ने विशेष ग्राम सभा में केवल औपचारिकताएं निभाईं।
जिला पंचायत अधिकारी जोगिंद्र राणा ने कहा कि यह विशेष ग्राम सभाएं थीं। इनमें पंचायत प्रतिनिधियों की उपस्थिति या कोरम अनिवार्य नहीं था। इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को चिट्टे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना था। वीरवार को भी जिले की आधी पंचायतों में ग्राम सभाएं आयोजित की जा रही हैं। उन्होंने सभी ग्रामीणों से अपील की कि वे पंचायतों में पहुंचकर चिट्टे के खिलाफ अभियान को सफल बनाएं और नशे के खिलाफ एकजुट हों।