आपातस्थिति के लिए बफर स्टॉक में भी नहीं बची डोज
अस्पताल में आने वाले मरीजों को झेलनी पड़ रही परेशानी
दवा दुकानों में भी उपलब्ध नहीं है इंजेक्शन, आ रही दिक्कत
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। अस्पतालों में मरीजों को बेहतर सुविधाएं देने का सरकार और मंत्री रोजाना दावा कर रहे हैं। लेकिन धरातल पर हालात कुछ अलग ही हैं। हैरत की बात तो यह है कि स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धनीराम शांडिल के विधानसभा क्षेत्र के क्षेत्रीय अस्पताल में दर्द निवारक इंजेक्शन की खेप ही नहीं पहुंची है। ऐसे में अस्पताल में दर्द निवारक ट्रामाडोल इंजेक्शन का स्टॉक खत्म हो गया है। यही नहीं ट्रामाडोल इंजेक्शन की बफर स्टॉक में भी इंजेक्शन नहीं बचे हैं। ऐसे में आपातस्थिति में अधिक दर्द से पीड़ित होकर आने वाले मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। दवा दुकानों में भी यह इंजेक्शन उपलब्ध नहीं है। इधर-उधर भटकने के बाद भी इंजेक्शन नहीं मिल पा रहा है।
इसके बाद चिकित्सक दर्द निवारक का दूसरा इंजेक्शन लिखते हैं। इसके बाद मरीजों को राहत मिलती है। लेकिन दर्द निवारक इंजेक्शन के खत्म होने से बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं। ट्रामाडोल इंजेक्शन का उपयोग आमतौर पर अचानक तेज दर्द, लंबे समय तक दर्द से निदान और उपचार के लिए किया जाता है। आपातस्थिति में छाती में दर्द के तुरंत उपचार के लिए मरीजों को यही इंजेक्शन दिया जाता है।
गौर रहे कि क्षेत्रीय अस्पताल जिला का सबसे बड़ा अस्पताल है। यहां पर सोलन ही नहीं बल्कि शिमला और सिरमौर जिला से भी मरीज उपचार के लिए आते हैं। वहीं, दुर्घटनाओं में घायलों को भी यही उपचार कि लिए लाया जाता है। इसी के साथ सीने में दर्द समेत अन्य मरीज भी रोजाना अस्पताल में आते हैं। लेकिन अस्पताल में तुरंत रिलीफ इंजेक्शन का अभाव होने के कारण मरीजों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।
इनसेट
इंजेक्शन की डिमांड भेजी गई है। जल्द ही अस्पताल में इंजेक्शन उपलब्ध होगा। इसके बाद मरीजों को किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं झेलनी पड़ेगी।
-डॉ. संदीप जैन,
अतिरिक्त चिकित्सा अधीक्षक सोलन