नंदपुर पंचायत के किसान ने तैयार की आरगेनिक हल्दी- संवाद
डुमनवाला के किसान अमर चंद ठाकुर ने की पहल, 3-3 बीघा में उगाई हल्दी और अदरक, 40 क्विंटल निकाली फसल
फसलों को बीमारियों से बचाने के लिए खुद बनाते है ऑर्गेनिक कीटनाशक
ओमपाल सिंह
बद्दी (सोलन)। बद्दी क्षेत्र में नंदपुर पंचायत के डूमनवाला गांव के एक प्रगतिशील किसान अमर चंद ठाकुर ने ऑर्गेनिक खेती को अपनाकर न सिर्फ अपनी आय में जबरदस्त सुधार किया है, बल्कि अन्य किसानों के लिए भी एक नई राह दिखाई है। उन्होंने गर्म इलाके में पारंपरिक फसलों से हटकर हल्दी और अदरक की सफल खेती की है, जिसकी बाजार में ऊंची कीमत मिल रही है। किसान अमर चंद ठाकुर ने इस वर्ष तीन-तीन बीघा भूमि पर हल्दी और अदरक की फसल लगाई। उन्होंने बताया कि यह क्षेत्र गर्म होने के कारण इन फसलों को उगाना कठिन है, इसलिए उन्होंने एक अनोखा तरीका अपनाया। उन्होंने हल्दी और अदरक को आम के बगीचे के नीचे लगाया, जिससे उन्हें पर्याप्त छाया मिली और गर्मी का असर कम हुआ। अमर चंद ठाकुर हर साल गेहूं और उड़द का बीज तैयार कर कृषि विभाग को बेचते हैं, लेकिन ऑर्गेनिक हल्दी-अदरक उनके लिए आय का एक बड़ा जरिया बन गया है। रसायनिक खादों से होने वाली बीमारियों के खतरे को देखते हुए, उन्होंने अन्य किसानों से भी ऑर्गेनिक खेती की ओर लौटने का आह्वान किया है। वह फसलों को बीमारियों से बचाने के लिए खुद का ऑर्गेनिक कीटनाशक तैयार करते हैं। यह कीट नाशक गोमूत्र, नीम, केंदू, धतूरा और बांच के पत्ते को उबालकर बनाया जाता है। उन्होंने बताया कि ऑर्गेनिक खेती के लिए सबसे जरूरी है कि पड़ोसी किसान के खेत का रासायनिक खाद वाला पानी आपकी फसल में न आए। इसके लिए उन्होंने अपने खेतों को मेढ़ी डोल बनाकर कवर किया है ताकि फसल की शुद्धता बनी रहे। संवाद
40 क्विंटल हल्दी, दाम 350 प्रति किलो
अमर चंद ठाकुर के पास इस बार 40 क्विंटल गीली हल्दी की पैदावार हुई है। ऑर्गेनिक होने के कारण बाजार में इसकी मांग बहुत अधिक है। हल्दी को साफ करके छत पर सुखाया जा रहा है। पूरी तरह सूखने के बाद इसे पीसकर 1-1 किलो के पैकेट बनाए जाएंगे। पिछले साल की तरह इस बार भी उनकी ऑर्गेनिक हल्दी 300 से 350 रुपये प्रति किलोग्राम के उच्च दाम पर बिक रही है। वहीं, कुछ दिनों में अदरक की खुदाई भी शुरू होगी, जिसके 70-80 रुपये प्रति किलो बिकने की उम्मीद है।