कालका-शिमला एनएच पर दिनभर पसरा रहा सन्नाटा
बुधवार को सभी पंप में पहुंची डीजल-पेट्रोल के टैंकर
पथ परिवहन निगम ने सभी रूटों पर लोगों की दी सेवा
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। वाहन चालकों की मंगलवार देर रात भले ही हड़ताल खत्म हो गई हो। लेकिन हड़ताल का असर बुधवार को भी देखने को मिला। जिलेभर में कई निजी बसें नहीं चली। इससे लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोगों को इक्का-दुक्का बसें ही मिलीं। कालका-शिमला नेशनल हाईवे पांच पर भी वाहनों की कम संख्या रही। इस कारण हाईवे पर सन्नाटा पसरा रहा। वहीं पंप में भी दिनभर लोगों की कतारें लगी रहीं। अधिकतर कतारें सुबह के समय देखी गईं। जबकि शाम तक पंप पर रोजाना की स्थिति बन गई और कतारें भी खत्म हो गईं।
बुधवार को पंपों में वाहन चालकों पर्याप्त मात्रा में पेट्रोल और डीजल मिला। बुधवार को जिले के सभी 85 पंप में पेट्रोल और डीजल के टैंकर भी आए। पथ परिवहन के पंप में भी डीजल की सप्लाई पहुंच गई है। इसी के साथ बद्दी प्लांट से सिलिंडर की भी गाड़ियां भरकर विभिन्न जगहों में भेजी गई।
गौर रहे कि हिट एंड रन कानून को लेकर ट्रक चालकों ने दो दिन हड़ताल की थी। यह हड़ताल तीन जनवरी को भी जारी रहने का दावा चालकों ने किया था। लेकिन देर रात चालकों ने सरकार से बातचीत के बाद हड़ताल को वापस ले लिया था। इसके बाद ट्रक चालकों ने देर रात से सुविधा देनी शुरू कर दी। लेकिन बस चालकों के पास बुधवार को बसों को चलाने की सूचना न होने के चलते निजी बसें खड़ी रहीं। हालांकि पथ परिवहन निगम की बसों ने अपने सभी रूट पर बसें भेजी। निजी बसों के कम चलने से सरकारी बसों में काफी भीड़ देखी गई। जबकि जो निजी बसें चल रही थीं वह भी ओवरलोड होकर गंतव्य की ओर रवाना हुई। टैक्सी चालकों ने भी अपनी सेवाएं बुधवार को दी हैं। वहीं बुधवार को बद्दी प्लांट से 25 टैंकर लोड हुए हैं। जिन्हें विभिन्न जगहों में भेजा गया है।