सरकारी और निजी अनुदान प्राप्त स्कूलों के अध्यापकों समेत आम नागरिकों को हर माह पगार के साथ उर्दू सीखने का मौका मिलेगा। 10 माह के प्रशिक्षण के दौरान चयनित अभ्यर्थियों को पांच हजार रुपये प्रतिमाह पगार दी जाएगी। सामान्य नागरिक भी इस प्रशिक्षण के लिए पात्र होंगे। सामान्य नागरिकों को प्रशिक्षण के लिए 800 रुपये अतिरिक्त मिलेंगे। प्रशिक्षण के लिए आयु सीमा 45 वर्ष निर्धारित की है।
यह प्रशिक्षण उर्दू शिक्षण तथा अनुसंधान केंद्र सपरूण में प्रदान किया जाएगा। इस प्रशिक्षण पाठ्यक्रम के लिए सभी सीटें ऐसे अध्यापकों के लिए आरक्षित हैं, जो सरकारी विद्यालय अथवा सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों में छठी से दसवीं कक्षा तक पढ़ाते हों।
इन अध्यापकों को कम से कम तीन वर्ष तक पढ़ाने का अनुभव होना चाहिए। प्रशिक्षण पाठ्यक्रम में इन अध्यापकों को अंतिम वेतन प्रमाणपत्र के आधार पर प्रतिमाह वेतन और 800 रुपये प्रतिमाह अतिरिक्त रूप से मिलेंगे। बीएड तथा एमएड वाले अभ्यर्थी भी इस प्रशिक्षण के लिए पात्र हैं। इन उम्मीदवारों को 5000 रुपये प्रतिमाह वेतन दिया जाएगा।