अर्की क्षेत्र में चल रहे विकास कार्याें को समय पर किया जाएगा पूरा
राजीव गांधी डे बोर्डिंग स्कूल का निर्माण कार्य पूरा करने में न हो देरी
सीपीएस संजय अवस्थी ने अर्की में की विकास कार्यों की समीक्षा बैठक
संवाद न्यूज एजेंसी
अर्की(सोलन)। मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी ने कहा कि अधिकारी लंबित पड़े मामलों को शीघ्र निपटाएं ताकि विकास कार्यों में तेजी लाई जा सके। अवस्थी मंगलवार को अर्की विधानसभा क्षेत्र के वर्तमान में चल रहे विकास कार्यों की विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर रहे थे।
उन्होंने क्षेत्र में विभिन्न विभागों के माध्यम से किए जा रहे सभी विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। कहा कि जिन विकास कार्यों के लिए धनराशि प्राप्त हो चुकी है उनका कार्य शीघ्र पूरा करें और विकास कार्यों के लिए आवश्यकतानुसार अतिरिक्त बजट की मांग शीघ्र भेजें।
उन्होंने कहा कि समय पर विकास कार्य पूर्ण होना लक्षित वर्गों के लिए लाभदायक है। उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम में किसी भी प्राकृतिक आपदा के दौरान आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए संबंधित अधिकारी सतर्क रहें और समय रहते तैयारियां पूरी कर लें। उन्होंने सड़कों को सुचारू रखने के भी लोनिवि को निर्देश दिए। अवस्थी ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को राजीव गांधी डे बोर्डिंग स्कूल के कार्य में तेजी लाने के निर्देश भी दिए।
उन्होंने बैठक में वित्त वर्ष 2023-24 व 2024-25 में बजट के तहत किए जा रहे कार्यों का ब्योरा लिया। इस दौरान अर्की विस क्षेत्र में भविष्य में होने वाले विकास कार्यों के बारे में भी अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श किया गया। इस अवसर पर जल शक्ति, लोक निर्माण विभाग, प्रदेश विद्युत बोर्ड, हिमाचल पथ परिवहन निगम, राजस्व, कृषि व बागवानी विभाग, पशुपालन, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास विभाग सहित अन्य विभागों ने अर्की विधानसभा क्षेत्र में किए जा रहे निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी दी। इस अवसर पर खंड कांग्रेस अर्की के अध्यक्ष सतीश कश्यप, एसडीएम अर्की यादविंदर पाल, डीएसपी दाड़लाघाट संदीप शर्मा, कमेश्वर शर्मा, ईश्वर कौशल, वनमंडलाधिकारी कुनिहार राजकुमार शर्मा, तहसीलदार अर्की विपिन वर्मा, खंड विकास अधिकारी कुनिहार तनमय कंवर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी इस अवसर पर उपस्थित थे।
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सीपीएस ने तदोपरांत ग्राम पंचायत जलाणा के राहु गांव में आयोजित वन महोत्सव में हरड़ का पौधा रोपित किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में रोपित पौधे ही भविष्य में पेड़ बनकर पर्यावरण संरक्षण में सहायक बनेंगे। उन्होंने सभी से पौधे रोपित कर पर्यावरण को संरक्षित करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का आग्रह किया। वन महोत्सव के दौरान आंवला, दाढ़ु, हरड़, बेहड़ा की प्रजाति के 70 पौधे रोपे।
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