बवासनी में परामर्श कार्यशाला में डीसी ने दिए निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। आदर्श रेजिलिएंट गांव विषय पर ग्राम पंचायत बवासनी में एक दिवसीय परामर्श कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला की अध्यक्षता उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने की। उन्होंने कहा कि सोलन जिला के नालागढ़ विकास खंड की ग्राम पंचायत बवासनी में अगस्त-2023 में आई प्राकृतिक आपदा के उपरांत प्रभावित क्षेत्र को पुनः विकसित करने के लिए आदर्श रेजिलिएंट गांव परियोजना कार्यांवित की जा रही हैं। इस परियोजना का उद्देश्य आपदा प्रभावितों के लिए चिन्हित ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी अधोसंरचना का विकास, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में आवश्यक सुधार और दीर्घकालिक विकास को प्रोत्साहन देना है। यह परियोजना ग्रामीण समुदायों की जरूरतों को प्राथमिकता देकर उनकी जीवन गुणवत्ता में सुधार लाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने सभी विभागों के अधिकारियों को ग्राम पंचायत स्तर पर आदर्श गांव के निर्माण में अहम भूमिका निभाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा की सामुदायिक भागीदारी से प्रभावित ग्रामीण क्षेत्रों का पुनः निर्माण किया जा सकता है। इस दिशा में केंद्रीय भवन अनुसंधान रुड़की और बाल रक्षा भारत संगठन का सहयोग हर स्तर पर कार्य को गति प्रदान करने में सहायक हो रहा है। उपायुक्त ने कहा कि आदर्श रेजिलिएंट गांव परियोजना के तहत महिला सशक्तिकरण पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा ताकि महिलाएं अपनी और क्षेत्र की आर्थिकी में मजबूती प्रदान कर सकें। इस दिशा में स्वयं सहायता समूहों के सुदृढ़ीकरण पर विशेष बल दिया जाएगा। कार्यशाला में केंद्रीय भवन अनुसंधान रुड़की के डॉ. किशोर एस. कुलकर्णी ने कहा कि भविष्य में आपदाओं की चुनौतियों से बचाव के लिए ऐसे आदर्श गांव का निर्माण आवश्यक है। आपदा से बचाव के विषय में सभी को तकनीकी जानकारियां होना अनिवार्य है ताकि आपदा के समय जान-माल के नुकसान को कम किया जा सके। इस दौरान अतिरिक्त उपयुक्त सोलन राहुल जैन, लोनिवि सोलन के अधीक्षण अभियंता अजय शर्मा, जिला राजस्व अधिकारी सुमेध शर्मा, केंद्रीय भवन अनुसंधान रुड़की के प्रदीप रावत, विभव वाजपेयी, बाल रक्षा भारत संगठन के नवीन शुक्ला व सुनील कुमार, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण सोलन के प्रदीप ठाकुर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी कर्मचारियों ने कार्यशाला में भाग लिया।