बद्दी(सोलन)। बीबीएन में धुंध का प्रकोप जारी है। सुबह और शाम धुंध अधिक होने से वाहन चालकों को दिन के समय में भी लाइट जला कर वाहन चलाने पड़ रहे हैं। इस धुंध का असर जहां स्कूली बच्चों पर दिख रहा है, वहीं प्रदेश के सबसे बड़े औद्योगिक क्षेत्र पर भी पड़ रहा है। धुंध से उद्योगपतियों को कच्चा माल दो से तीन दिन देरी से आ रहा है। वहीं वाहन चालकों को भी धुंध से नुकसान उठाना पड़ रहा है। धुंध के चलते वाहन चालकों को हैवी गेयर में गाड़ी चलानी पड़ रही है। इससे डीजल अधिक खर्च हो रहा है।
ट्रक यूनियन बद्दी में दस हजार ट्रक हैं। इतने ही पिकअप, टेंपो, 407 और अन्य छोटे वाहनों की यूनियनों में हैं। जो बीबीएन में तैयार होने वाले सामान को देश के अन्य हिस्सों में छोड़ते हैं, लेकिन वर्तमान में मैदानी क्षेत्रों में धुंध के चलते वाहन टॉप गेयर में नहीं चल पा रहे हैं। जो ट्रक पहले एक लीटर में चार किमी चलता था वह अब एक लीटर में तीन किमी ही चल रहा है। इसका सीधा असर वाहन चालकों की जेब पर पड़ रहा है। यूनियन के कोषाध्यक्ष वीर सिंह सैणी और ट्रक आपरेटर सोसायटी के अध्यक्ष जितेंद्र जिंदू ने बताया कि मैदानी क्षेत्र में वर्तमान में धुंध ने पैर पसार रखे हैं। सुबह और शाम धुंध के चलते गाड़ियों को धीमी गति से चलाना पड़ रहा है। धुंध से ट्रक संचालकों पर डीजल का खर्चा अधिक पड़ रहा है। वहीं देरी से सामान पहुंच रहा है। उधर,बीबीएनआईए के पूर्व अध्यक्ष शैलेश अग्रवाल ने बताया कि अभी तक उद्योगों पर कच्चे माल की किल्लत नहीं आई है, लेकिन माल देरी से पहुंच रहा है। इसके चलते संचालक एडवांस में भी कच्चा माल मंगा रहे हैं।