ग्रामीणों ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन, क्रशर बंद करने की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
नालागढ़(सोलन)। बेहली गांव में स्टोन क्रशर की ओर से नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। दिन-रात खनन के कारण सार्वजनिक एवं निजी संपत्ति को क्षति पहुंच रही है। स्थानीय ग्रामीण इस समस्या को लेकर एसडीएम राज कुमार से मिले और उन्हें ज्ञापन सौंपा।
ग्रामीणों ने बताया कि खनन सीमा क्षेत्र के निकट स्थित दो पुलों, पेयजल योजना, खेल मैदान भी खतरे में हैं। इसी खड्ड के किनारे एचडी टावर भी हैं। दयोली में दो दशक पुराना आठ स्पैन वाले पुल पर खतरा मंडरा रहा है। खनन के कारण पुल के पिलरों की नींव बिल्कुल खाली हो चुकी है। बरसात से पूर्व मरम्मत नहीं की गई, तो यह पुल गिर सकता है। इसके अतिरिक्त खनन प्रभावित क्षेत्र में तीन कुएं और पानी के दो तालाब पूरी तरह सूख चुके हैं। नौ निजी ट्यूबवेल व तीन हैंडपंप भी खतरे की जद में हैं। यदि यह खनन इसी प्रकार जारी रहा तो वे जलस्रोत सूख जाएंगे। इससे स्थानीय लोगों के लिए पेयजल और सिंचाई का गंभीर संकट उत्पन्न हो जाएगा। प्रतिनिधिमंडल ने क्रशर की लीज रद्द करने के लिए 11 मार्च 2024 को एसडीएम नालागढ़ को ज्ञापन सौंपा था, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। एसडीएम ने लोगों को उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।
प्रतिनिधिमंडल में रविंद्र सिंह, जिला परिषद मुख्तयार कौर, प्रधान छोटू राम, रोशन सिंह, भूपिंदर सिंह, विद्या देवी, हरदीप सिंह, बालकृष्ण शर्मा, नरेश घई आदि शामिल रहे।