विद्यार्थियों और शिक्षकों की मेहनत लाई रंग, मिड-डे मील में बच्चों को परोसी जाएगी
अगले चरण में अब सभी स्कूलों में मशरूम उगाने की तैयारी
ललित कश्यप
सोलन। जिले में शिक्षा विभाग और डीएमआर के साझा प्रयासों से शुरू किया गया मिशन व्हाइट अंब्रेला बड़ी सफलता की ओर बढ़ रहा है। सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों और शिक्षकों की मेहनत रंग लाई है। मात्र 25 दिनों में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल सुल्तानपुर ने ढिंगरी मशरूम की पैदावार तैयार हो गई है।
मिशन के तहत कई स्कूलों में मशरूम उगाने का प्रायोगिक चरण शुरू किया गया था। शिक्षकों के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने वैज्ञानिक पद्धति को अपनाते हुए ढिंगरी मशरूम की खेती की। मेहनत का नतीजा यह रहा कि उम्मीद से कम समय में ही मशरूम की अच्छी पैदावार तैयार हो गई है। वहीं अब तैयार हुई इस पौष्टिक मशरूम का लाभ अब सीधे बच्चों को मिलेगा। योजना के अनुसार, अगले सप्ताह से क्लस्टर स्कूलों में मिड-डे मील के दौरान बच्चों को यह मशरूम परोसी जाएगी। इससे न केवल बच्चों को ताजी और जैविक सब्जी मिलेगी, बल्कि उनके आहार में प्रोटीन और अन्य पोषक तत्वों की मात्रा भी बढ़ेगी। पहले चरण की इस शानदार सफलता को देखते हुए विभाग अब अगले कदम की तैयारी में है। अब जिले के सभी स्कूलों में मशरूम उत्पादन शुरू करने की योजना बनाई जा रही है। इससे विद्यार्थियों में न केवल कृषि कौशल विकसित होगा, बल्कि स्कूल आत्मनिर्भरता की ओर भी बढ़ेंगे।
उधर, एमडीएम जिला नोडल अधिकारी राजकुमार पराशर ने बताया कि इससे पहले शिक्षा उपनिदेशक कार्यालय में मशरूम को तैयार किया गया था। डीएमआर की ओर से अध्यापकों को मशरूम तैयार करने के लिए विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया था। इसके अलावा स्कूलों को बीज भी दिया गया है, जबकि मशरूम के लिए खाद स्वयं स्कूलों की ओर से तैयार की जा रही है। यह मिशन अभी तक सफल रहा है, आने वाले दिनों में सभी स्कूलों में भी इसे तैयार करने की योजना है। इसमें पोषण से भरपूर मशरूम बच्चों को दोपहर के भोजन में परोसी जाएगी।