गुंडों, मजदूरों व बाहरी व्यक्तियों पर लगाया ग्रामीणों को डराने-धकमाने का आरोप
गटोली में भूमि विवाद और कानून-व्यवस्था पर किसानों ने उपायुक्त से की शिकायत
संवाद न्यूज एजेंसी
हिमाचल किसान सभा की सोलन जिला समिति के नेतृत्व में सैकड़ों ग्रामीणों और किसानों ने शुक्रवार को उपायुक्त मनमोहन शर्मा से मुलाकात की। उन्होंने कसौली विधानसभा क्षेत्र की भोजनगर पंचायत के गांव गटोली में गंभीर कानून-व्यवस्था और भूमि विवाद से जुड़े मुद्दों को उठाया। प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त को एक ज्ञापन भी सौंपा।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि एक निजी निर्माणाधीन अस्पताल के निदेशकों और उनके प्रतिनिधियों द्वारा विवादित भूमि पर अवैध अतिक्रमण के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके साथ ही क्षेत्र में अवैध रूप से कूड़ा फेंका जा रहा है। इन गतिविधियों से स्थानीय निवासियों के अधिकारों का हनन हो रहा है और क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है।
किसान सभा के नेताओं ने बताया कि संबंधित पक्ष द्वारा गुंडों, मजदूरों और बाहरी व्यक्तियों के माध्यम से ग्रामीणों को डराया-धमकाया जा रहा है। वे विरोध को दबाने का प्रयास कर रहे हैं, जिससे गांव में भय का वातावरण बन गया है। ग्रामीणों का कहना है कि किसी भी समय कानून-व्यवस्था की गंभीर स्थिति उत्पन्न हो सकती है। ज्ञापन में स्थानीय पुलिस की भूमिका पर भी गहरा असंतोष और अविश्वास व्यक्त किया गया है। इससे स्थिति और अधिक संवेदनशील हो गई है।
प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की। उन्होंने निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने पर जोर दिया। ग्रामीणों ने अवैध अतिक्रमण और कूड़ा फेंकने पर रोक लगाने की भी अपील की। इसके अलावा, स्थानीय निवासियों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की गई।
प्रतिनिधिमंडल में किसान सभा के जिला नेता पीएल वर्मा, नितीश ठाकुर, मोहित वर्मा, राकेश कुमार और संजय पंता शामिल थे। इनके साथ स्थानीय किसान सिद्धार्थ ठाकुर, संजीव ठाकुर, भानु, कपूर सिंह, हरी सिंह रतन और सौरभ कौशल भी उपस्थित रहे। उपायुक्त सोलन ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना। उन्होंने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।