एडीएसजे फास्ट ट्रैक कनिका चावला की अदालत ने सुनाई सजा, 20 हजार जुर्माना
फरवरी 2023 में बद्दी से उत्तर प्रदेश ले गया था बच्ची को दोषी
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक, विशेष न्यायालय (पॉक्सो) सोलन कनिका चावला की अदालत ने नाबालिग के यौन उत्पीड़न करने के मामले में आरोपी धर्मेश पुत्र छोटे लाल, निवासी ग्राम सुगवन, तहसील एवं जिला हरदोई (यूपी) को दोषी ठहराते हुए 20 वर्ष का कठोर कारावास व 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने पर दोषी को एक साल का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा। दोषी को अपहरण के मामले में भी पांच वर्ष का कठोर कारावास व 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने की एवज में दोषी को छह माह का कठोर कारावास भुगतना होगा। दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी। मामले की पैरवी लोक अभियोजक पृथ्वी सिंह नेगी ने की है। उन्होंने बताया कि 20 फरवरी 2023 को दोषी ने पीड़िता बच्ची को शादी का झांसा दिया (उस समय बच्ची की उम्र 18 वर्ष से कम थी) और उसे लोधी माजरा, सन-पैकमेट प्राइवेट लिमिटेड बद्दी के पास से उत्तर प्रदेश ले गया। वहां आरोपी ने शादी का बहाना बनाकर पीड़िता का बार-बार यौन उत्पीड़न किया। पीड़िता की मां ने महिला पुलिस थाना बद्दी में अपनी बेटी के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई और पुलिस के साथ अपनी बेटी की तलाश में उत्तर प्रदेश गईं। पुलिस ने पीड़िता और आरोपी, दोनों को आरोपी के घर से बरामद कर लिया। अभियोजन पक्ष ने अपने मामले को साबित करने के लिए कुल 22 गवाहों की गवाही कराई।